नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई क्षेत्र के देश वैश्विक समृद्धि और स्थायित्व के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं, ऐसा मानते हुए विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) प्रीति सरन ने सोमवार को कहा कि भारत की खाद्य सुरक्षा के लिए यह क्षेत्र महत्वपूर्ण है।
लैटिन अमेरिका पर केंद्रित एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए सरन ने लैटिन अमेरिकी देशों से यह भी आह्वान किया कि वे परस्पर सहयोग को मजबूत करने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार के ध्वजवाहक कार्यक्रमों मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया आदि में निवेश करें।
‘फोकस लैटिन अमेरिका : द नीड फॉर एन इफेक्टिव प्रोग्राम’ शीर्षक वाले इस सम्मेलन में उन्होंने कहा कि बहुत अधिक संसाधनों और प्रतिभाओं से पूर्ण एलएसी क्षेत्र के देश विश्व अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में पहले से ही बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे समय में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी और अशांति का सामना कर रही है, एलएसी वैश्विक समृद्धि और स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र हो सकता है।
सरन ने कहा, “लैटिन अमेरिकी क्षेत्र के लिए हमारी रणनीति इस क्षेत्र के सभी 33 देशों के साथ हमारे राजनीतिक एवं आर्थिक सहयोग को बढ़ाने की है। खाद्य सुरक्षा हमारे सहयोग का एक महत्वपूर्ण तत्व हो सकता है।”
उन्होंने कहा, “लैटिन अमेरिकी क्षेत्र खाद्य सुरक्षा और भारतीय कृषि क्षेत्र के और कृषि उपज के प्रसंस्करण वाले उद्योगों के विकास के लिए महत्वपूर्ण उद्योग हो सकते हैं।”
सरन ने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी एक और क्षेत्र है, जिसमें लैटिन अमेरकी देशों और भारत के बीच सहयोग की बहुत अधिक गुंजाइश है।
सरन ने इस क्षेत्र में द्विपक्षीय व्यापार के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि भारत का इस क्षेत्र में कुल निवेश करीब 20 अरब डॉलर का है, जिसमें पर्याप्त बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है।
सचिव ने क्षेत्र के लोगों से भारत के लोगों का व्यक्तिगत स्तर पर संपर्क बढ़ाने और इस क्षेत्र से रिश्ता और मजबूत करने का आह्वान किया।
उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत का संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा।
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