उन्होंने कहा कि मतगणना में अब चार दिन शेष हैं, लेकिन सत्तारूढ़ भाजपा की कारगुजारियों से लगता नहीं कि वह जनादेश को स्वीकार करने को तैयार है। कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिलने जा रहा है और तय है कि कांग्रेस ही सरकार बनाएगी। लेकिन भाजपा जनादेश को स्वीकार करने की जगह जोड़तोड़ से फिर सत्ता पर काबिज होने की साजिशें कर रही है।
भूपेश बघेल ने कहा, “हमारे पास पुख्ता सूचनाएं हैं कि अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों पर निर्वाचन को प्रभावित करने के लिए अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। भाजपा को जनता ने तीन बार मौका दिया, लेकिन उन्होंने विकास के नाम पर सिर्फ अपने खजाने भरे। अब जबकि किसानों की कर्ज माफ होने जा रहा है, दो साल का बकाया बोनस मिलने जा रहा है और सबका बिजली बिल हाफ होने जा रहा है, यह भाजपा को बर्दाश्त नहीं हो रहा है।”
गोवा से लेकर कर्नाटक तक भाजपा का इतिहास रहा है कि भाजपा ने जनादेश को दरकिनार कर सत्ता हासिल करने के लिए लोकतंत्र का गला घोंटा है। लेकिन भाजपा समझ ले कि इस बार छत्तीसगढ़ की जनता ने इतना निर्णायक वोट दिया है कि छत्तीसगढ़ को गोवा बनाने के मंसूबे धरे रह जाएंगे।
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