नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। लोकसभा में गुरुवार को कंपनी अधिनियम, 2013 में संशोधन करने के लिए कंपनियों के लिए संरचना, प्रकटीकरण और अनुपालन आवश्यकताओं के संबंध में कंपनियां (संशोधन) विधेयक, 2016 को पारित कर दिया गया।
वित्त राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में कंपनियां (संशोधन) विधेयक, 2016 को पेश किया, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
इस विधेयक पर बहस का जवाब देते हुए मेघवाल ने कहा कि यह विधेयक पारित होने के बाद ‘भारत के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग’ में सुधार होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि एनएसईएल, पीयूसीएल, एल्डर फार्मा, शारदा चिटफंट और रोजवैली चिटफंड जैसी कंपनियों पर कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने आगे कहा कि इसके अलावा कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) मानकों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ भी सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
इससे पहले बहस में भाग लेते हुए कांग्रेस नेता के.वी. थॉमस ने कहा कि बिल का उद्देश्य अधिनियम के कई प्रावधानों को शिथिल करना है।
कंपनी अधिनियम, 2013 मध्यस्थ कंपनियों की संख्या को सीमित करता है जिसके माध्यम से कंपनी में निवेश किया जा सकता है। इसी प्रकार, इस अधिनियम में कंपनी की सहायक कंपनियों की परतों की संख्या को सीमित किया जा सकता है। नए संशोधित विधेयक में इन सीमाओं को हटा दिया गया है।
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