चंडीगढ़, 12 मई (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने रविवार को केंद्रीय मंत्री व अकाली दल प्रत्याशी हरसिमरत कौर बादल के इस आरोप का उपहास उड़ाया कि कांग्रेस सरकार राज्य में उनकी रैलियों में बाधा डाल रही है।
एक बयान में मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘यह लोगों का प्रचंड गुस्सा है जो शिरोमणि अकाली दल द्वारा दस साल के सत्ता काल में की गई ज्यादतियों के खिलाफ निकल रहा है।’
अमरिंदर ने बयान में इस बात पर आश्चर्य जताया है कि अकाली नेता केवल कुछ गांवों में ही विरोध का सामना क्यों कर रहे हैं और क्यों नहीं पूरे राज्य में उन्हें इससे गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बादल परिवार और उनके निकटवर्तियों ने दस साल तक लोगों का जिस तरह उत्पीड़न किया, अब लोग अपने गुस्से में उसी के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘यह तथ्य कि हरसिमरत कौर को उनके अपने ही संसदीय क्षेत्र में एक गांव में प्रवेश नहीं करने दिया गया, यह बताता है कि कड़वी सच्चाई बादल परिवार के सामने है जिन्होंने एक दशक के अपने शासनकाल में लोगों को खून के आंसू रुलाए थे।’
उन्होंने हरसिमरत के इस आरोप को खारिज कर दिया कि राज्य की कांग्रेस सरकार उनके अभियान को नुकसान पहुंचाने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। अमरिंदर ने कहा कि अकाली नेताओं ने अपनी हरकतों से खुद ही अपनी संभावनाओं पर आघात पहुंचाया है। इसमें पवित्र धर्मग्रंथों की बेअदबी कर लोगों को बांटने का प्रयास भी शामिल है।
इस बीच, अकाली दल की सहयोगी भाजपा ने मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव आयोग में आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराई है। इसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने शनिवार को गुरदासपुर में चुनावी सभा में कई परियोजनाओं का ऐलान कर आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
पार्टी प्रत्याशी सुनील जाखड़ के लिए प्रचार के दौरान अमरिंदर ने कहा था कि चीनी मिल की क्षमता दस हजार टन तक बढ़ाई जाएगी। बिजली पैदा करने के लिए एथनोल संयंत्र लगाया जाएगा।
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