‘लोन डिफॉल्टर’ भी हैं गोवा के फरार मंत्री पचेको

पणजी, 19 मई (आईएएनएस)। गोवा के फरार पूर्व मंत्री फ्रांसिस्को ‘मिकी’ पचेको पर शिकंजा कसता जा रहा है। नए मामले में आम आदमी पार्टी (आप) ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने पचेको को एक सरकारी कंपनी से पांच करोड़ के ऋण का गबन करने दिया।

पचेको पिछले एक माह से अधिक समय से फरार हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने मई में उन्हें दोषी ठहराने वाले फैसले को बरकरार रखा था।

विपक्ष अब सरकारी तंत्र पर पचेको की भागने में सहायता करने का आरोप लगा रहा है।

पचेको ने एक नाव खरीदने के लिए चार करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, जिसे उन्होंने चुकाया नहीं था।

आम आदमी पार्टी (आप) प्रवक्ता वाल्मीकि नाइक ने कहा कि आíथक विकास निगम (ईडीसी) ने जिला जज की अदालत में एक याचिका दाखिल की थी, जिस पर अदालत ने माल ढोने वाली नौका कुर्क करने का अंतरिम आदेश दिया था।

पचेको और उनकी पत्नी वियोला फर्नाडीस दोनों ही मेसर्स जियोवन्नी एंड जेब्रॉन्नी शिंपिंग के निदेशक हैं। ऋण इसी कंपनी के नाम पर लिया गया था। लोन वापस लौटाने की पहली किस्त के रूप में कंपनी ने 50 लाख रुपये का चेक दिया था जो कि बाउंस हो गया।

नाइक ने आईएएनएस से कहा, “अगर चेक देने वाले हम और आप होते और चेक बाउंस हो जाता तो हम अभी जेल में होते। वहीं इसके बावजूद पचेको को मंत्रिमंडल में जगह देकर पुरस्कृत किया गया।”

आप ने सवाल उठाया कि ईडीसी ने अदालत के आदेश के बावजूद भी मामले को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया।

उन्होंने कहा, “ईडीसी ने इसके बजाय मंत्री को अपनी ओर से एक प्रस्ताव दिया जिसके तहत उनसे विशेष योजना के तहत मामले को सुलझाने की बात कही गई। पचेको डाउन पेमेंट करने में भी असफल रहे थे जो कि इस योजना का लाभ लेने की आवश्यक शर्त होती है।”

नाइक ने कहा, “सरकार इस बकाया राशि की वसूली के लिए क्या कदम उठा रही है और वह अदालत के आदेश के बावजूद पचेको की संपत्ति कुर्क क्यों नहीं कर रही है।”

आप द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के मुताबिक, पचेको और उनकी पत्नी की संपत्ति 12 करोड़ रुपये है जबकि ऋण की राशि पांच करोड़ है।

पचेको फरार हैं और उनकी पत्नी से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।

पचेको भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में अभिलेखागार और पुरातत्व मंत्री थे। पचेको को 2006 में राज्य विद्युत विभाग के एक कनीय अभियंता के साथ मारपीट करने के मामले में दोषी पाया गया है। बंबई उच्च न्यायालय के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बरकरार रखने के बाद उनसे जबरन इस्तीफा ले लिया गया था। उच्च न्यायालय ने उन्हें छह माह की जेल और अर्थदंड की सजा सुनाई थी।

पचेको के खिलाफ जबरन वसूली, मारपीट करने, दो शादी रचाने, काले धन को वैध बनाने और मानव तस्करी तथा लोन डिफॉल्ट जैसे मामले दर्ज हैं। वह नौ अप्रैल से फरार हैं।

पुलिस महानिरीक्षक सुनील गर्ग ने आईएएनएस से कहा, “हम अभी भी उनकी तलाश कर रहे हैं। पचेको की सूचना देने पर 25,000 रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। उन्हें गिरफ्तार करने के लिए एक पुलिस दल भी दिल्ली में तैनात है।”

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