वर्धा विश्वविद्यालय:छह दलित-पिछड़े छात्रों का कैंपस में प्रवेश बैन, केस दर्ज

नई दिल्ली-महाराष्ट्र के वर्धा स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में करीब दो महीने से जारी छात्र आंदोलन के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने छह शोधार्थियों और विद्यार्थियों के परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी है.

इन्हीं छह छात्रों के खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन ने 21 अगस्त की रात रामनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिनमें तीन छात्र दलित और तीन ओबीसी समुदाय से आते हैं.

आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर और जातिगत भेदभाव की शिकायतों के बीच यह कार्रवाई की है और उन्हें जबरन सत्याग्रह स्थल से हटाने की कोशिश की जा रही है.

हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि छह छात्रों के परिसर प्रवेश पर रोक किसी अंतिम सजा के तौर पर नहीं, बल्कि स्वतंत्र जांच पूरी होने तक की गई ‘अंतरिम प्रशासनिक एवं अनुशासनात्मक व्यवस्था’ है.

प्रशासन का कहना है कि छात्रों के एक समूह ने प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था में व्यवधान पैदा किया, कार्यालयों में तालाबंदी की और अधिकारियों-कर्मचारियों के आवागमन में बाधा डाली, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है.

उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय में छात्रों का आंदोलन 8 जुलाई से जारी है. आंदोलनकारी छात्र सत्र 2022-23 की लंबित पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने, स्त्री अध्ययन और फिल्म अध्ययन विभागों को मुख्य परिसर में दोबारा संचालित करने, 24 घंटे पुस्तकालय खोलने तथा भोजन, पानी, दवा और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने समेत कई मांगें उठा रहे हैं

जिन छह विद्यार्थियों पर परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है, उनमें निरंजन ओबेरॉय (ओबीसी), राजेश कुमार यादव (ओबीसी), राहुल कुमार ठाकुर (ओबीसी), रामचंद्र (अनुसूचित जाति), राकेश अहिरवार (अनुसूचित जाति) और शिवपूजन पासी (अनुसूचित जाति) शामिल हैं.

About Dharm Path


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493