नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को धनशोधन के एक मामले में रॉबर्ट वाड्रा को 16 फरवरी तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी।
इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहा है।
विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने हालांकि उन्हें छह फरवरी की शाम ईडी की जांच में शामिल होने का निर्देश दिया है।
अदालत वाड्रा की अग्रिम जमानत की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
यह मामला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई वाड्रा की 19 लाख पाउंड की विदेश में मौजूद अघोषित संपत्ति के स्वामित्व से जुड़ा है।
ईडी ने यह मामला भगोड़े हथियार सौदागर संजय भंडारी के खिलाफ काला धन से संबंधित नए कानून व कर कानून के तहत आयकर विभाग द्वारा एक अन्य मामले की जांच के दौरान वाड्रा के करीबी मनोज अरोड़ा का नाम सामने आने के बाद दर्ज किया था।
मामले में कहा गया है कि लंदन की संपत्ति भंडारी द्वारा खरीदी गई और इसकी मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च के बावजूद इसे खरीदी गई कीमत पर 2010 में बेच दिया गया।
ईडी ने जांच के तौर पर सात दिसंबर को दिल्ली-एनसीआर व बेंगलुरू के कई परिसरों की तलाशी ली।
ईडी के वकील ने अदालत को बताया कि लंदन की संपत्ति एक पेट्रोलियम सौदे से प्राप्त अवैध भुगतान का हिस्सा थी। यह पैसा सेंटेक इंटरनेशनल, एफजेडसी, यूएई (भंडारी द्वारा नियंत्रित कंपनी) द्वारा स्थानांतरित किया गया था।
वकील ने कहा कि कुछ और संपत्तियों की भी जांच की जानी चाहिए।
वाड्रा अदालत में मौजूद नहीं थे। वाड्रा के वकील ने अदालत को बताया कि वह अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए लंदन में हैं।
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