वाराणसी, 14 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक रूसी युवती डायरा प्रोकीना पर तेजाब फेंके जाने की घटना के अगले दिन शनिवार को पुलिस सख्त नजर आई। पुलिस अब इस जांच में जुटी है कि पर्यटकों की आमद वाले बनारस में कितने अवैध पेइंग गेस्ट हाउस चल रहे हैं।
बनारस के करौंदी इलाके में रूसी युवती पर हुए तेजाब हमले के बाद पुलिस और स्थानीय खुफिया ब्यूरो (एलआईयू) की असलियत सामने आ गई है। लंका इलाके की जिस कालोनी में यह घटना हुई है, वहां बड़ी संख्या में विदेशी पेइंग गेस्ट के रूप में रह रहे हैं।
रूसी युवती पर हुए हमले के बाद इस इलाके में पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि यह जानकर चौंक गए कि इस इलाके में बड़ी संख्या में पेइंग गेस्ट हाउस चल रहे हैं।
किसी भी इलाके में पेइंग गेस्ट हाउस खोलने के नियम काफी कड़े हैं और इसके लिए पर्यटन विभाग की अनुमति लेनी पड़ती है। लेकिन मोटी कमाई के चक्कर में हर मकान में पेइंग गेस्ट हाउस खुला दिखाई दिया।
रोचक बात यह है कि पुलिस को भी इस बात का अंदाजा नहीं है कि इन कालोनियों के साथ ही गंगा किनारे कितने पेइंग गेस्ट हाउस चल रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, बनारस में पेइंग गेस्ट हाउसों की संख्या 100 से भी अधिक है। इनमें कुछ ही ऐसे हैं, जिन्हें प्रशासन की इजाजत मिली हुई है। बाकी सभी अवैध तरीके से चल रहे हैं।
आकाश कुलहरि ने कहा कि 24 घंटे के भीतर हर मकान में रहने वाले पेइंग गेस्ट की सूची मांगी गई है। सबकी छानबीन कराने का निर्देश दिया गया है और यह भी कहा गया है कि जो जानकारी देने में आनाकानी करे, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
गौरतलब है कि शुक्रवार को बनारस के करौंदी इलाके में एक रूसी महिला पर एसिड अटैक का मामला सामने आया था। बाद में युवती को बीएचयू में भर्ती कराया गया था, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद पुलिस ने उन पेइंग गेस्ट हाउस को खंगालना शुरू कर दिया है, जो अवैध तरीके से चल रहे हैं।
dharmpath.com dharmpath