नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। वाहनों की बिक्री में 2014-15 में वृद्धि दर्ज किए जाने के बाद सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्च र्स (सियाम) ने शुक्रवार को कहा कि मौजूदा कारोबारी साल में भी इसमें मध्यम दर्जे की वृद्धि दर्ज किए जाने का उम्मीद है।
सियाम के महानिदेशक विष्णु माथुर ने आईएएनएस से कहा, “बिक्री में मध्यम दर्जे की वृद्धि इस साल भी जारी रहने की उम्मीद है। बिक्री में बढ़त छोटे आधार पर दर्ज की गई, लेकिन आगे भी हमें आर्थिक तेजी को देखते हुए बिक्री में बढ़त दर्ज किए जाने का अनुमान है।”
माथुर ने कहा, “ग्रामीण बिक्री की स्थिति थोड़ी चिंताजनक है। लेकिन हमें उम्मीद है कि इस साल मानसून सामान्य रहने से गांवों में भी बिक्री बढ़ेगी।”
बाजार के जानकारों के मुताबिक भी आर्थिक तेजी की वापसी, अपेक्षाकृत कम महंगाई, सस्ते ईंधन और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दर घटाने के कारण बिक्री अधिक रहने का अनुमान है।
वाहन और वाहन संबंधी कारोबार के वरिष्ठ इक्वि टी रिसर्च एनलिस्ट भरत ज्ञानी ने आईएएनएस से कहा, “हमें बिक्री में वृद्धि जारी रहने का अनुमान है। मौजूदा कारोबारी साल में ब्याज दर में कटौती की उम्मीद के साथ-साथ कच्चे तेल की कम कीमत से भी बिक्री बढ़ेगी।”
उन्होंने कहा, “मानसून के सामान्य रहने की उम्मीद और बेहतर कृषि आय के कारण मौजूदा कारोबारी साल में ग्रामीण बाजार बेहतर रहने की उम्मीद है।”
भारतीय वाहन बाजार कीमत को लेकर काफी संजीदा है, क्योंकि 65 फीसदी वाहन ऋण लेकर खरीदे जाते हैं। ब्याज दर में कटौती और ईंधन सस्ता होने से उपभोक्ताओं का उत्साह बढ़ेगा।
शुक्रवार को सियाम द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक, घरेलू बाजार में कारों की बिक्री 2014-15 में 4.99 फीसदी बढ़ी। इस दौरान कुल 18,76,017 कारें बिकीं, जबकि 2013-14 में यह संख्या 17,86,826 थी।
तीन साल में पहली मर्तबा कारों की बिक्री बढ़ी है। इससे पहले महंगे ईंधन, उच्च ब्याज दर और आर्थिक सुस्ती के कारण बिक्री में गिरावट दर्ज की जा रही थी।
आंकड़ों के मुताबिक, कारों, उपयोगिता वाहनों और वैन को मिलाकर कुल बिक्री 3.90 फीसदी बढ़कर 26,01,111 रही, जो एक साल पहले 25,03,509 थी।
सियाम के आंकड़ों के मुताबिक, उपयोगिता वाहनों की बिक्री 5.30 फीसदी अधिक 5,53,699 रही और वैन की बिक्री 10.19 फीसदी अधिक 1,71,395 रही।
इस दौरान वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 2.83 फीसदी घटकर 6,14,961 रही, जो एक साल पहले 6,32,851 थी।
तिपहिया वाहनों की बिक्री 10.80 फीसदी अधिक 5,31,927 रही, जो एक साल पहले 4,80,085 थी।
दोपहिया वाहनों की बिक्री 8.09 फीसदी बढ़ी और यह 1,60,04,581 रही, जो एक साल पहले 1,48,06,778 थी।
स्कूटर की बिक्री इस दौरान 25.06 फीसदी बढ़कर 45,05,529 रही, जबकि मोटरसाइकिल की बिक्री 2.50 फीसदी बढ़कर 1,07,43,549 रही।
निर्यात इस दौरान 14.89 फीसदी बढ़ा। 2014-15 में 35,73,806 वाहनों का निर्यात हुआ जबकि एक साल पहले 31,10,584 वाहनों का निर्यात हुआ था।
2014-15 में सभी प्रकार के वाहनों की कुल बिक्री 7.22 फीसदी अधिक 1,97,52,580 रही, जो एक साल पहले 1,84,23,223 थी।
सियाम के आंकड़ों के मुताबिक, कारों की बिक्री मार्च में 2.64 फीसदी बढ़ी और यह 1,76,011 रही, जो एक साल पहले समान अवधि में 1,71,491 थी।
कार, वैन और उपयोगिता वाहनों की कुल बिक्री मार्च 20115 में 2.66 फीसदी अधिक 2,44,395 रही, जो एक साल पहले समान अवधि में 2,38,061 थी।
मार्च में वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 2.14 फीसदी अधिक 65,470 रही, जो एक साल पहले समान अवधि में 64,101 थी।
गत महीने तिपहिया वाहनों की बिक्री 2.68 फीसदी बढ़कर 42,383 रही, जो एक साल पहले 41,278 थी।
दोपहिया वाहनों की बिक्री मार्च में 0.84 फीसदी घटकर 13,23,184 रही, जो एक साल पहले 13,34,450 थी।
मार्च में स्कूटर की बिक्री 11.14 फीसदी बढ़कर 3,95,901 रही, जो एक साल पहले 3,56,233 थी।
मोटरसाइकिलों की बिक्री 5.22 फीसदी घटकर 8,59,521 रही, जो एक साल पहले समान अवधि में 9,06,901 थी।
गत महीने कुल निर्यात 6.57 फीसदी कम रहा और कुल 2,51,225 वाहनों का निर्यात हुआ। यह संख्या एक साल पहले 2,68,891 थी।
मार्च 2015 में सभी प्रकार के वाहनां की कुल बिक्री 0.15 फीसदी घटकर 16,75,432 रही, जो एक साल पहले 16,77,890 थी।
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