विकास के मायने चंद अरबपति पैदा करना नहीं : शिवराज

भोपाल, 19 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को जनसमूह को विकास के मायने समझाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के विकास के मायने चंद अरबपति पैदा करना नहीं है, जैसा कि आम धारणा बनी हुई है।

झाबुआ-रतलाम संसदीय क्षेत्र में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन शिवराज ने उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार निर्मला भूरिया के समर्थन में जिलेटिन विस्फोट वाले इलाके झाबुआ में रोड शो किया और अलीराजपुर में जनसभा की।

किसान आत्महत्याओं के लिए चर्चित राज्य के मुख्यमंत्री ने अलीराजपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “भाजपा के विकास के मायने चंद अरबपति पैदा करना नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति, जनजाति, गांव-गरीब किसान के जीवन में खुशहाली लाना है।”

उन्होंने कहा कि उपचुनाव क्षेत्रीय विकास को अंजाम देने का एक अवसर है, जिसे जनता भरपूर भुनाए।

खूनी व्यापम घोटाले के लिए चर्चित राज्य के मुख्यमंत्री ने वादा किया कि झाबुआ नगर स्मार्ट सिटी के रूप में संवारा जा रहा है। इंजीनियरिंग कालेज खुलने से आदिवासी छात्र-छात्राओं को शिक्षा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। आने वाले समय में शैक्षणिक सुविधाओं, स्वास्थ्य, सिंचाई कार्यो के विस्तार में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

उन्होंने आगे कहा कि स्वरोजगार योजना में आदिवासी नौजवान उद्यमी बनेंगे और अपना स्वरोजगार लगाकर दूसरी को रोजगार देने की हैसियत हासिल करेंगे।

शिवराज ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास चरित्रहनन के अलावा विकास की कोई दृष्टि नहीं है। जनता देख चुकी है कि आजादी के बाद 50 साल तक कांग्रेस का एक छत्र शासन दिल्ली से लेकर भोपाल तक रहा है, लेकिन कांग्रेस के लिए सत्ता के मायने वोट कबाड़ना और कुर्सी को बचाए रखना मात्र था, उसने आदिवासी अंचल में खुशहाली लाने के लिए कोई काम नहीं किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उपचुनाव में भाजपा का जीतना बहुत जरूरी है, क्योंकि निर्मला भूरिया के चुने जाने के साथ ही इस अंचल के विकास कार्यो में गति आएगी और आदिवासी अंचल के मजरा-टोलों तक सड़कों का जाल बिछेगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की सरकार ने गांव में 24 घंटे बिजली दी है। मजरा टोलों तक भी बिजली की रोशनी पहुंचेगी।

शिवराज ने कहा कि पिछले 10 वर्षो में आदिवासी अंचलों में विकास की करवट ली है। सरकार के प्रोत्साहन से आदिवासी ऊर्जावान छात्रों ने आईआईटी में अच्छा रिकार्ड बनाया है।

उन्होंने कहा, “हमारी दिली इच्छा है कि वनवासी छात्र-छात्राएं मेडिकल, इंजीनियरिंग, आईआईटी की शिक्षा में आगे बढें।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार में जहां वनवासी छात्र-छात्राओं को वजीफा देने की व्यवस्था की है, वहीं एज्यूकेशन लोन की भी व्यवस्था की है। आदिवासी बच्चों के लिए मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था की गई है। उनकी उच्च शिक्षा के लिए देश-विदेश में जाने पर सरकार खर्च भी वहन कर रही है।

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