विकिलीक्स : चेल्सिया ने लिंग परिवर्तन सर्जरी के आश्वासन पर अनशन तोड़ा

वाशिंगटन, 14 सितम्बर (आईएएनएस)। विकिलीक्स के लिए जासूसी करने के आरोप में जेल की सजा भुगत रहीं अमेरिकी सैनिक चेल्सिया मैनिंग ने अपना अनशन तब समाप्त किया, जब सेना ने कहा कि उसे लिंग परिवर्तन की सर्जरी कराने की अनुमति दी जाएगी। अमेरिकी सिविल लिबर्टीज यूनियन (एसीएलयू) ने बुधवार को इसकी घोषणा की।

28 वर्षीय चेल्सिया विकिलीक्स को डाटा मुहैया कराने के जुर्म में 35 साल कैद की सजा काट रही है। उसने शुक्रवार से भूख हड़ताल शुरू की थी।

‘द गार्जियन’ ने चेल्सिया के हवाले से कहा है, “मैं बेहद राहत महसूस कर रही हूं कि सेना अंतत: अच्छी चीज कर रही है। मैं इसके लिए उसकी सराहना करती हूं। मैं उनसे यही चाहती थी कि वे मुझे मैं जो हूं उसी रूप में रहने दें।”

अपने लैंगिक डाइस्फोरिया का उचित इलाज कराने से सरकार के इनकार के बाद जुलाई में चेल्सिया ने आत्महत्या की कोशिश की थी। डिस्फोरिया एक ऐसी स्थिति है, जिसमें कोई व्यक्ति समझता है कि वास्तव में उसका या उसकी लैंगिक पहचान उससे अलग है।

अमेरिकी सेना ने इस पर टिप्पणी करने से परहेज किया है, एसीएलयू के वकील चेसे स्ट्रेंजियो ने इसे ‘एक यादगार दिन’ करार दिया है।

बीबीसी ने चेसे के हवाले से कहा है, “चेल्सिया को जिस चिकित्सा की जरूरत थी सरकार ने उसे मुहैया कराने के संवैधानिक दायित्य को स्वीकार किया, इसके लिए उसे धन्यवाद।”

जब चेल्सिया को गिरफ्तार किया गया था तो उसे ब्राडले मैनिंग यानी पुरुष के रूप में जाना जाता था। उसे जासूसी के छह कानूनों के उल्लंघन और 14 अन्य अपराधों के लिए वर्ष 2013 में दोषी करार दिया गया था। उस पर सेना और विदेश विभाग के सात लाख से अधिक गोपनीय दस्तावेजों और युद्ध क्षेत्र के वीडियो को लीक करने का आरोप है।

पिछले साल नवंबर में उसने घोषणा की कि वह सेना पर पुरुषों के नियमों के अनुसार दो इंच का बाल कटवाने के लिए दबाव डालने को लेकर मुकदमा कर रही है।

डेली मेल की खबर के अनुसार, कंसास में केवल पुरुषों के लिए बने फोर्ट लिएवेनवर्थ सैन्य कारा में अपनी सजा भुगत रही चेल्सिया ने कहा कि बचपन से ही उसकी पहचान एक महिला के रूप में है। अब जेल में रहते हुए उसके हार्मोन और बोलने का उपचार चल रहा है और उसे प्रसाधन सामग्री दी जा रही है।

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