चीन ने पहली बार सैन्य परेड में हिस्सा लेने के लिए विदेशी सेनाओं को आमंत्रित किया है। एशिया, यूरोप, ओशिनिया, अफ्रीका और अमेरिका से कुल 17 देशों ने सैन्य परेड में हिस्सा लेने के लिए अपने फौजी दस्ते भेजे हैं। द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति की 70वीं बरसी के मौके पर बीजिंग में तीन सितंबर को इस सैन्य परेड का आयोजन किया जा रहा है।
इस मौके पर बीजिंग के तिएन-मेन-चौक पर 500 उपकरणों के साथ कुल 12,000 सैन्यदल मार्च कर सकते हैं। वहीं, लगभग 200 विमानों की उड़ान संचालित की जाने की भी उम्मीद है।
कजाकिस्तान के राष्ट्रपति नूरसुल्तान नजरबाएब का कहना है कि यह सैन्य परेड चीन और पूरे विश्व के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन है। यह आयोजन वीरता के जश्न और पुरानी पीढ़ी के उल्लेखनीय कारनामों के प्रति गर्व का संकेत है।
कजाकिस्तान ने सैन्य परेड में हिस्सा लेने के लिए 100 सैनिकों वाले गार्ड ऑफ ऑनर को भेजा है। मेक्सिको ने भी सैन्य परेड में हिस्सा लेने के लिए 75 लोगों के प्रतिनिधिमंडल को भेजा है, जिसमें एक कप्तान, तीन अधिकारी और मेक्सिको नौसेना, थलसेना और वायुसेना स्कूलों के 71 कैडेट शामिल हैं। मेक्सिको सैन्य परेड में शिरकत करने के लिए अगस्त की शुरुआत से ही कड़ी तैयारी कर रहा है।
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