नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। आम बजट 2016-17 पेश करने के बाद उद्योग जगत के साथ हुई अपनी मुलाकात में बुधवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वित्तीय अनुशासन पर बल दिया और संसद में सुधार प्रक्रिया के आगे बढ़ने की उम्मीद जताई।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की), भारतीय उद्योग परिसंघ और एसोचैम के प्रतिनिधियों के साथ यहां हुई मुलाकात में जेटली ने कहा, “वित्तीय अनुशासन सबसे अधिक जरूरी है और मुझे उम्मीद है कि यदि हम इस अनुशासन पर कायम रहेंगे, तो आर्थिक सर्वेक्षण में मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम द्वारा पेश किया गया लक्ष्य हासिल कर लेंगे।”
उन्होंने कहा, “मुझे पूरा भरोसा है कि यदि राजनीतिक मोर्चे पर सहयोग मिलेगा, तो हम सुधार की दिशा में आगे बढ़ते रहेंगे।”
सोमवार को बजट पेश करते हुए जेटली ने कहा था कि वित्तीय लक्ष्यों पर टिके रहने में ही समझदारी है।
सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.9 फीसदी तक वित्तीय घाटा का लक्ष्य तय किया है। आगामी वित्त वर्ष के लिए यह लक्ष्य 3.5 फीसदी है। वर्ष 2014-15 में वित्तीय घाटा जीडीपी का 4.1 फीसदी था।
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