नई दिल्ली, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने बड़ी परियोजनाओं के कार्यान्वयन की योजना के लिए 28 अप्रैल को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों की बैठक बुलाई है। रविवार को यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति से यह जानकारी प्राप्त हुई।
यह बैठक बैंकों के गैर-निष्पादन संपत्तियों (एनपीए) के बढ़ते स्तर और सार्वजनिक बैंकों की लंबित बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए बुलाई गई है।
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “इस बैठक का उद्देश्य परियोजना प्रमोटरों के समक्ष मौजूद समस्याओं को समझना और बैंकों द्वारा इनकी पहचानकर ऐसी समस्याओं का समाधान करना है।”
“सड़क, बिजली, इस्पात और जहाज रानी जैसे बुनियादी ढांचागत क्षेत्र की मुख्य परियोजनाओं की समीक्षा बिजली, इस्पात, परिवहन, जहाजरानी मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों और आरबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में की जाएगी।”
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का एनपीए मार्च 2014 में 4.72 प्रतिशत की तुलना में सितंबर 2014 में 5.33 प्रतिशत हो गया है।
वित्त मंत्रालय के ताजा आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक, लंबित पड़ी परियोजनाओं की वजह से बैंकों का एनपीए बढ़ा है। दिसंबर 2014 के अंत तक एनपीए बढ़ कर 880,000 करोड़ रुपये हो गया है।
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