नई दिल्ली, 27 जून (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में फिर भू-राजनीतिक दबाव के कारण कच्चे तेल के भाव में तेजी आई है, जिससे प्रेरित भारतीय वायदा बाजार में भी कच्चे तेल के भाव में मजबूती देखी जा रही है। घरेलू वायदा बाजार में कच्चे तेल का भाव करीब एक महीने के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।
बाजार के जानकार बताते हैं कि अमेरिका ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वह ईरान से तेल खरीदना बंद कर दें, जिसके कारण कच्चे तेल के दाम में अप्रत्याशित तेजी आई है।
केडिया कमोडिटी के निदेशक विजय केडिया ने आईएएनएस से कहा कि ओपेक देशों द्वारा पिछले हफ्ते रोजाना 10 लाख बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करने के फैसले से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम में कमी आनी चाहिए, मगर इसके विपरीत तेजी देखी जा रही है। उन्होंने कहा, “मौजूदा तेजी की मुख्य वजह भूराजनीतिक दबाव है, जोकि अमेरिका द्वारा उनके सहयोगियों पर ईरान से तेल नहीं खरीदने को कहने के कारण पैदा हुआ है।”
उन्होंने कहा कि एक महीने पहले भी जो तेल के दाम में तेजी आई थी, उस समय भी अमेरिका द्वारा ईरान पर दबाव डालने की रणनीति मुख्य वजह भी जब अमेरिका ने ईरान के परमाणु समझौते से अलग होने और उसपर आर्थिक प्रतिबंध लगाने की बात कही थी।
कच्चे तेल का जुलाई एक्सपायरी वायदा मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) बुधवार को दोहपर करीब ढाई बजे पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले एक फीसदी के बढ़त के साथ 4,865 रुपये प्रति डॉलर पर था। इससे पहले वायदा सौदे में 4,844 रुपये से लेकर 4,870 रुपये प्रति बैरल के बीच कारोबार हुआ। इससे पहले एमसीएक्स पर कच्चे तेल का वायदा 24 मई को 4,895 रुपये प्रति डॉलर तक का उछाल लिया था।
वहीं, अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार न्यूयॉर्क मर्के टाइल एक्सचेंज (नायमेक्स) पर अमेरिकी लाइट क्रूड (डब्ल्यूटीआई) के अगस्त एक्सपायरी वायदा 0.40 फीसदी की बढ़त के साथ 70.81 डॉलर प्रति बैरल पर था, जबकि ब्रेंट क्रूड इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर 0.13 फीसदी की बढ़त के साथ 76.24 डॉलर प्रति बैरल पर था।
केडिया के मुताबिक, आगे अमेरिकी क्रूड में 70 से 74 डॉलर प्रति बैरल के बीच कारोबार देखा जा सकता है। वहीं, ब्रेंट क्रूड में 80-81 डॉलर प्रति बैरल की उछाल आ सकती है।
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