पुलिस ने तालपुरी के परिजात ब्लॉक से आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से प्रिंटर, स्केल, कटर और अन्य सामान बरामद किए हैं। ग्राहक बन पहुंची पुलिस ने इस पूरे मामले का पदार्फाश किया है।
एएसपी विजय पांडेय ने बताया, “इंदौर का रहने वाला विशाल असवानी और बालोद के मोहारा निवासी चूड़ामणि साहू भिलाई के तालपुरी में रहते थे। अगल-बगल घर होने पर दोनों में दोस्ती थी, इसी बीच चूड़ामणि ने विशाल से 12 हजार रुपये उधार लिए थे, जिसे वह लौटा नहीं पा रहा था। इस पर विशाल ने उससे कहा कि उसके पास एक स्कीम है। अगर वह इसमें शामिल हो जाए तो उधार की रकम भी पूरी हो जाएगी और वह कमाई भी कर लेगा।”
उन्होंने कहा, “चूड़ामणि तैयार हो गया और उसने अपने ही नाम से प्रिंटर खरीदा। दोनों युवक डिजिटल प्रिंटर से नोट की छपाई करते और खुद ही उसे खपाने बाजार में निकलते थे। इस कारोबार से जुड़े दोनों युवकों ने पूछताछ के दौरान बताया कि वे सिर्फ 100 रुपये के ही नोट छापा करते थे, क्योंकि बड़े नोट आसानी से पहचान में आ जाते हैं और 100 के नोट को पहचानना थोड़ा मुश्किल होता है।”
एएसपी पांडेय ने बताया, “सूचना के आधार पर पुलिस ने तालपुरी अपार्टमेंट में दबिश देकर नकली नोट छापने वाले गिरोह को गिरफ्तार किया है।”
उन्होंने कहा, “सूचना मिली कि एक युवक नकली नोट खपाने के लिए घूम रहा है। पुलिस उसके पास ग्राहक बनकर पहुंची तो वह एक बैग में रुपये लेकर आया। पुलिस ने जब बैग खोलकर देखा तो उसमें 100-100 रुपये के नोट थे, जो बिल्कुल असली दिखाई दे रहे थे। उनके सीरियल नंबर चेक किए गए तो बहुत सारे नोटों के नंबर एक जैसे थे। आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।”
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