रूसी संसद के उच्च सदन की स्पीकर वालेंतिना मातवियेंको ने टोक्यो में अपने दौरे के दौरान यह बात कही।
टेलीविजन चैनल ‘रोसिया-24’ पर एक ब्रीफिंग के दौरान वालेंतिना मातवियेंको ने कहा, “कुरील द्वीपसमूह पर रूस की संप्रभुता निर्विवाद है और यह संशोधन का विषय नहीं है।”
रूस और जापान ने द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद शांति समझौते पर दस्तखत नहीं किए हैं। दोनों देशों के बीच प्रशांत क्षेत्र के चार छोटे द्वीपों को लेकर विवाद है। रूस इन्हें दक्षिणी कुरील कहता है, जबकि जापान की ओर से इन्हें उत्तरी क्षेत्र कहा जाता है।
मातवियेंको ने इन चारों द्वीपों या इनमें से दो द्वीपों को जापान कौ सौंपने की अटकलों को खारिज कर दिया, साथ ही मीडिया में आई कुछ प्रारंभिक समझौतों की खबरों से भी इनकार किया।
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