शियान के हानयांग संग्रहालय के उपनिदेशक झांग युन ने बताया कि 2,100 वर्ष पुरानी कब्र से बरामद की गई इस चाय को विश्व की सबसे प्राचीन चाय के रूप में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह दी गई है। इसे 18 मई से संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हानयांग संग्रहालय में 2005 में जब पहली बार चाय बरामद की गई तो इसमें अनाज मिले हुए थे। यह सम्राट जिंग (188-141 ई.पू) और उनके पिता सम्राट वु की कब्र है। चीनी इतिहास में इनका साम्राज्य सर्वाधिक समृद्ध माना जाता है।
शांक्सी प्रांतीय पुरातत्व अनुसंधान संस्थान के पुरातत्वविद 2015 में यह पता लगाने में सफल रहे कि कब्र से बरामद जीवाश्म अवशेष चाय के हैं। चाइनीज अकादमी ऑफ साइंसेज के विशेषज्ञों ने इन नमूनों की जांच के लिए नई माइक्रोफॉसिल विश्लेषण प्रौद्योगिकीयों का इस्तेमाल किया।
संस्थान के एक शोधार्थी यांग वुझान के मुताबिक, “इन विश्लेषण नतीजों से पता चलता है कि बाकी बचे हुए अवशेष सूखी हुई अंकुरित चाय के थे।” उन्होंने बताया कि यह हान राजवंश (202 ईपू से 220 ईसवी) साम्राज्य द्वारा इस्तेमाल की गई चाय के पहले साक्ष्य हैं।
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉडर्स के सत्यापन अधिकारी रॉवेन सिमन्स ने छह मई को इसे विश्व की सबसे प्राचीन चाय के रूप में मान्यता दे दी।
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