भोपाल

विश्व हिंदी सम्मेलन पर मोदी की छाया

hindi vishva smmelanभोपाल, 7 सितंबर (आईएएनएस)| मध्य प्रदेश की राजधानी में विश्व हिंदी सम्मेलन की तैयारियां जोरों पर हैं, मगर ब्रांडिंग हिंदी की बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हो रही है। आलम यह है कि भोपाल की हर सड़क व चौराहे पर मोदी की तस्वीरों के ही होर्डिग और कटआउट नजर आ रहे हैं।

विश्व हिंदी सम्मेलन यहां 10 से 12 सितंबर तक होने जा रहा है। इस आयोजन को सफल बनाने में केंद्र के विदेश मंत्रालय से लेकर राज्य सरकार तक सक्रिय है। आयोजन स्थल लाल परेड मैदान को ‘माखनलाल चतुर्वेदी नगर’ नाम दिया गया है। विशाल पंडाल को भव्य सभागार का रूप दिया जा रहा है।

आयोजन की भव्यता और आकर्षण में कोई कमी न रह जाए, इसमें हर कोई अपनी पूरी ताकत झोंके हुए है। ऐसा इसलिए, क्योंकि इस सम्मेलन के दौरान देश और दुनिया के हिंदी विद्वानों का तीन दिनी जमघट लगने वाला है।

एक तरफ जहां आयोजन को भव्यता दिए जाने के प्रयास चल रहे हैं, तो दूसरी ओर प्रधानमंत्री मोदी की ब्रांडिंग में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। हर तरफ होर्डिगों व कटआउटों में सिर्फ मोदी ही मोदी नजर आ रहे हैं। दरअसल, मोदी ही इस सम्मेलन का उद्घाटन करने आ रहे हैं।

अधिकांश होर्डिगों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से मोदी के स्वागत में लिखे संदेश दिख रहे हैं।

मोदी के स्वागत वाले होर्डिगों को लेकर वरिष्ठ पत्रकार शिव अनुराग पटेरिया का कहना है, “यहां भले ही विश्व हिंदी सम्मेलन होने जा रहा हो, मगर ब्रांडिंग तो प्रधानमंत्री की हो रही है। भाजपा अपने एजेंडे के मुताबिक चल रही है, यही कारण है कि इस आयोजन में सिर्फ राजनेता और राजनीति के दर्शन हो रहे हैं।”

वरिष्ठ साहित्यकार ध्रुव शुक्ल विश्व हिंदी सम्मेलन ही नहीं, किसी भी भाषाई आयोजन और साहित्यिक गतिविधि में राजनेताओं और राजनीति की दखलंदाजी को उचित नहीं मानते। उनका कहना है कि इतिहास इस बात का गवाह है कि राजनेताओं की दखलअंदाजी से कभी भी किसी भाषा और साहित्य को मजबूती नहीं मिली है।”

यहां 10वें विश्व हिंदी सम्मेलन को लेकर जो भी होर्डिग व पोस्टर लगे हैं, उनमें से अधिकांश में प्रधानमंत्री मोदी ही छाए हुए हैं। होर्डिग के लगभग तीन चौथाई हिस्से में मोदी की तस्वीर और स्वागत वाला संदेश है। वहीं एक कोने में, बमुश्किल 10 फीसदी हिस्से में हिंदी सम्मेलन का मोनोग्राम है।

एक ऑटो चालक सुरेंद्र से जब आईएएनएस ने शहर में लगे होर्डिग को लेकर सवाल किया तो वह विश्व हिंदी सम्मेलन से पूरी तरह अनजान था। उसने इतना जरूर कहा, “साहब, लगता है कि मोदी जी भोपाल आ रहे हैं, तभी तो उनकी फोटो (होर्डिग) लगाई गई है।”

विश्व हिंदी सम्मेलन के आयोजन में मोदी की तस्वीरों वाले बड़ी संख्या में होर्डिग लगे होने की वजह जानने के लिए आयोजन समिति के उपाध्यक्ष अनिल माधव दवे और राज्य सरकार के जनसंर्पक आयुक्त अनुपम राजन से संपर्क का प्रयास किया गया, मगर वे उपलब्ध नहीं हुए।

सम्मेलन से पहले ही इस आयोजन पर राजनीति का रंग चढ़ने लगा है, अब सबकी नजर इस बात पर है कि यह आयोजन सिर्फ हिंदी तक केंद्रित रहेगा या कुछ और संदेश दे जाएगा।

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