व्यापमं के आरोपी ने विभागीय जांच को प्रभावित किया : आरटीआई

नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) के पूर्व परीक्षा नियंत्रक व निदेशक पंकज त्रिवेदी ने व्यापमं की पूर्व वित्त अधिकारी संध्या श्रीवास्तव को क्लिन चिट दी थी। संध्या पर साल 2006-09 के दौरान वित्तीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही तथा अनियमितता बरतने का आरोप था। एक आरटीआई के जवाब में यह जानकारी सामने आई है।

साल 2006-07 के दौरान व्यापमं द्वारा ली गई 14 प्रवेश परीक्षाओं के लिए आवेदन फॉर्म की बिक्री तथा परीक्षा शुल्क में चार करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता का खुलासा सामने आया। इस समयावधि में संध्या ही वित्तीय अधिकारी थीं।

अजय दूबे को मई 2015 में मिले आरटीआई जवाब के मुताबिक, साल 2006-09 के दौरान संध्या को वित्तीय अनियमितता का आरोपी ठहराया गया था और व्यापमं की अध्यक्ष रंजना चौधरी ने करोड़ों के घोटाले के मुख्य आरोपी त्रिवेदी की सिफारिश पर मई 2012 में उन्हें क्लिन चिट दे दी थी।

इससे जुड़ा एक दस्तावेज आईएएनएस को मिला, जिसमें त्रिवेदी ने अध्यक्ष से संध्या को क्लिन चिट देने की सिफारिश की है।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने हाल में त्रिवेदी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम तथा मध्य प्रदेश मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम के तहत धोखाधड़ी व आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है।

व्यापमं के साल 2007-08 के आंतरिक ऑडिट के आधार पर व्यापमं की कार्यकारिणी समिति ने जून 2009 में वित्तीय अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच की शुरू की थी।

आरटीआई कार्यकर्ता दूबे ने आईएएनएस से कहा, “अधिकारी के खिलाफ सारे आरोप पंकज त्रिवेदी की सिफारिश पर वापस ले लिए गए और उन्हें क्लिन चिट दे दी गई। व्यापमं घोटाले का एक मुख्य आरोपी दूसरे अधिकारी को क्लिन चिट देता है, तो जांच की पूरी प्रक्रिया पर ही सवाल उठता है।”

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