इस्लामाबाद, 11 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपने महत्वपूर्ण अफगानिस्तान दौरे से ठीक पहले सोमवार को यहां एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की गई।
नवाज अपने सैन्य प्रमुख जनरल राहील शरीफ के साथ मंगलवार को दो दिवसीय अफगानिस्तान दौरे पर रवाना हो रहे हैं। राष्ट्रपति अशरफ गनी ने उन्हें अफगानिस्तान आने का निमंत्रण दिया था।
समाचार पत्र ‘डॉन’ के मुताबिक, अफगानिस्तान विदेश विभाग के नवनियुक्त प्रवक्ता काजी खलीउल्ला ने कहा, “यह नवाज की दूसरी अफगानिस्तान यात्रा है और काबुल में राष्ट्रीय एकता वाली सरकार के गठन के बाद पहला दौरा है। इससे पूर्व नवाज 30 नवंबर, 2013 को अफगानिस्तान दौरे पर गए थे।”
पाकिस्तान के विदेश मंत्री चौधरी निसार, सैन्य प्रमुख राहील शरीफ और खुफिया प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल जहीर-उल-इस्लाम हाल ही में सहयोग और समर्थन का संदेश लेकर अफगानिस्तान दौरे से लौटे हैं। पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तानी सैनिकों को प्रशिक्षण देने में मदद करने और एक पूरी इन्फैंट्री ब्रिगेड के लिए उपकरण मुहैया कराने की पेशकश की है।
ऐसा माना जा रहा है कि यदि दोनों देश पुराने मतभेदों को भुलाकर दोस्ती का हाथ बढ़ाते हैं, तो क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता कायम हो सकती है।
माना जा रहा था कि पाकिस्तान चाहे तो तालिबान पर शांति प्रकिया के लिए दबाव बना सकता है, जिसके लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय वर्षो से प्रयासरत है।
सोमवार की बैठक में दोनों पड़ोसी देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया गया।
इस बैठक में जनरल राहील शरीफ और शीर्ष संघीय मंत्रियों ने हिस्सा लिया।
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