हरिद्वार, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। गायत्री परिवार के मुख्यालय शांतिकुंज से भूकंप पीड़ितों के लिए राहत सामग्री लेकर एक और दल रवाना हुआ, जिसे वीरेश्वर उपाध्याय एवं प्रबंधक गौरीशंकर शर्मा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दल में आपदा प्रबंधन से प्रशिक्षण प्राप्त 15 सेवाव्रती युवा शामिल हैं।
25 अप्रैल को आए भूकंप की सूचना मिलते ही संस्था प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या के निर्देशन में नेपाल तथा आसपास के गायत्री परिजनों ने अपना योगदान देना प्रारंभ कर दिया है। साथ ही गायत्री परिवार अहमदाबाद एवं मुंबई से मेडिकल एवं पैरामेडिकल की टीमों को नेपाल एवं भूकंप प्रभावित क्षेत्र तुरंत रवाना किया गया।
उन्होंने बताया कि नेपाल से सटे भारत सीमा पर स्थित भैरहवा में गायत्री परिवार द्वारा कैम्प स्थापित किया गया है, जिसमें भारत आने वाले लोगों के लिए भोजन, मेडिकल व अस्थाई आवास की व्यवस्था बनाई गई है। उन्होंने बताया कि काठमांडू व वीरगंज में भी कैम्प लगाकर सेवा कार्य में जुटे हैं।
गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के साथ अस्सी देशों में फैले गायत्री परिवार के परिजनों ने भूकंप में हताहत हुए आत्माओं की शांति-सद्गति के लिाए विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित कीं। शांतिकुंज में भी श्राद्ध-तर्पण एवं मृतात्माओं की शांति के लिए विशेष यज्ञाहुतियां दी जा रही हैं। संस्था प्रमुख ने पीड़ितों को हर संभव सहयोग करने के लिए उनके साथ खड़े रहने का अपना संकल्प दोहराया।
साथ ही गायत्री परिवार के मुख्यालय शांतिकुंज से मंगलवार को आपदा प्रबंधन दल रवाना हुआ। इसके तहत दल ने अपने साथ राशन किट, कंबल, तिरपाल, साड़ियां एवं बच्चों के कपड़ों सहित जीवन रक्षक औषधियां लेकर रवाना हुआ। इस अवसर पर संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने कहा कि भूकंप पीड़ितों को हरसंभव सहायता दी जायेगी। गायत्री परिवार सदैव उनके साथ खड़ा है।
उन्होंने कहा कि भूकंप में जिनके घर-बार नष्ट हो गए, ऐसे चयनित पीड़ित भाई-बहिनों के लिए आवास बनाने का इच्छा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आवश्यकतानुसार आगे भी गायत्री परिवार पीड़ित भाई-बहिनों की सेवा-सहायता करता रहेगा।
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