काबुल, 13 जनवरी (आईएएनएस)। मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा है कि अफगानिस्तान की सरकार शांति प्रक्रिया में महिलाओं को शामिल करने के मामले में समयसीमा से पिछड़ गई है। अब उसे वह कार्ययोजना पेश करनी चाहिए जिसमें महिलाएं भी शांति प्रक्रिया का हिस्सा हों।
सितंबर 2015 में राष्ट्रपति अशरफ गनी ने अपने प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय दानदाताओं से वादा किया था कि वह इस साल के अंत तक इस योजना का अंतिम प्रारूप तय कर साल 2016 की पहली छमाही में इसे लागू कर देंगे।
लेकिन, अफगानिस्तान के अधिकारियों ने ह्यूमन राइट्स वॉच से कहा कि योजना अभी तैयार नहीं हुई है।
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने दानदाता सरकारों से आग्रह किया है कि वह अफगानिस्तान पर योजना को पूरा करने के लिए दबाव डालें। साथ ही, योजना के वित्त पोषण की योजना का प्रारूप मांगें।
ह्यूमन राइट्स वॉच संगठन की हीथर बार के अनुसार, “अफगानिस्तान के महिला अधिकार कार्यकर्ता कई सालों से वार्ता की उस मेज पर एक जगह तलाश रहे हैं जहां उनके देश के भविष्य का फैसला हो रहा है।”
उन्होंने कहा, “अफगानिस्तान की सरकार तय समय सीमा में यह योजना बनाने में असफल हो गई है। इससे पता चलता है कि महिलाएं जिस भूमिका की हकदार हैं, उसके प्रति सरकार कितनी लापरवाह है।”
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