शिवपाल ने सहकारी समितियों का मामला सदन में उठाया

संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने स्थिति स्पष्ट की और कहा कि सरकार सहकारी आंदोलन को खत्म करने नहीं जा रही है। सरकार के जवाब से नाराज सपा सदस्य वेल में आ गए और सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे। ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत शिवपाल सिंह यादव ने विधानसभा का सत्र आहूत होने की घोषणा के बाद सहकारी समितियों को भंग करने को लेकर राज्यपाल के अध्यादेश जारी करने को असंवैधानिक बताते हुए इसे विधानसभा की नियमावली और संविधान के विपरीत बताया।

उन्होंने कहा, “सरकार को विधानसभा में विधेयक प्रस्तुत करना चाहिए था, किंतु सरकार ने पहले से चुनी गई सहकारी समितियों को खत्म करके अपने आदमी बैठाने की रणनीति को अंजाम देना शुरू किया। यह सहकारी आंदोलन खत्म करने की साजिश है।”

इस पर नेता प्रतिपक्ष रामगोंविद चौधरी ने भी कहा कि यह समाजवादी आंदोलन को खत्म करने की साजिश है।

संसदीय कार्यमंत्री ने कहा, “विधानसभा का उपनिवेशन 14 दिसंबर से शुरू हुआ, जबकि अध्यादेश सात दिसंबर को जारी किया गया। नियमों में यह है कि यदि सदन चल रहा हो तो अध्यादेश की जगह विधेयक लाया जाना चाहिए। चूंकि सदन शुरू नहीं हुआ था, इसलिए राज्यपाल ने अध्यादेश जारी किया। इसमें उनका विवेकाधिकार है।”

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493