टोक्यो, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उम्मीद जताई है कि जापान, चीन प्रस्तावित एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (एआईआईबी) से जुड़ेगा।
एनएचके वर्ल्ड के मुताबिक, शी ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में हुई मुलाकात में उनसे यह उम्मीद जताई।
शी और आबे बुधवार को जकार्ता में एशिया-अफ्रीका सम्मेलन के इतर मौके पर मिले थे।
कूटनीतिक सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात में आबे ने शी से कहा कि वह मानते हैं कि एशिया में असंरचना निवेश की बढ़ती मांग को देखते हुए वित्तीय प्रणाली को मजबूत किया जाना चाहिए।
आबे ने कथित तौर पर एआईआईबी के प्रबंधन और अन्य मुद्दों के प्रति भी अपनी चिंता का इजहार किया। उन्होंने कहा कि वह इस दिशा में बातचीत करने के लिए तैयार हैं।
सूत्रों के अनुसार, शी ने आबे से कहा कि एआईआईबी को वैश्विक स्तर पर समर्थन मिला है और उन्हें उम्मीद है कि जापान भी इसे समर्थन देगा।
दोनों देशों ने एक-दूसरे के प्रति ऐतिहासिक नाराजगी की भावना पर भी बात की।
सूत्रों के मुताबिक, शी ने आबे से कहा कि वह एशियाई देशों को यह संदेश भेजें कि जापान ऐतिहासिक सच का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने साथ ही कहा कि युद्ध समाप्ति के 70 साल पूरे होने को आए हैं और इस मौके पर वह कहना चाहते हैं कि चीन किसी भी देश को निशाना बनाना नहीं चाहता।
इसके जवाब में आबे ने कहा कि वह पिछली सरकारों के रुख और खासकर प्रधानमंत्री मुरायामा और कोईजुमी के बयानों को बरकरार रखेंगे।
वर्ष 1995 में जापानी प्रधानमंत्री तोमिची मुरायामा ने गहरा दुख जताते हुए जापानी हमला और औपनिवेशिक शासन के लिए क्षमा मांगी थी। इसके 10 साल बाद प्रधानमंत्री जुनिचिरो कोईजुमी ने भी इसी तरह के शब्दों के साथ एक बयान जारी किया था।
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