शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव जारी (साप्ताहिक समीक्षा)

मुंबई, 13 अगस्त (आईएएनएस)। इस सप्ताह शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहा। सेंसेक्स जहां एक समय 28,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर चुका था, वहीं 12 अगस्त को यह इस निशान से नीचे गिरकर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में भी गिरावट देखने को मिली।

इस सप्ताह वैश्विक बाजारों की तेजी से सेंसेक्स को सहारा मिला। साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भी खरीदारी जारी रखी। निवेशकों पर अच्छे मॉनसून का भी सकारात्मक असर हुआ।

इस सप्ताह सेंसेक्स 74.05 अंक या 0.26 फीसदी बढ़कर 28,152.40 अंक पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी के 50 अंकों का प्रमुख सूचकांक 11 अंक या 0.12 फीसदी गिरकर 8,672.15 अंक पर बंद हुआ। इस दौरान बीएसई के मिडकैप में 0.43 फीसदी की तेजी देखने को मिली जो सेंसेक्स से भी ज्यादा थी।

इस सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक ढंग से हुई थी और प्रमुख सूचकांकों में 8 अगस्त 2016 को तेजी देखने को मिली थी। सोमवार को सेंसेक्स में 104.22 अंकों या 0.37 फीसदी की वृद्धि हुई थी और यह 28,182.57 अंक पर बंद हुआ था, जोकि 28 जुलाई 2016 के बाद का सर्वोच्च स्तर है।

वहीं, मंगलवार को प्रमुख सूचकांकों में गिरावट देखने को मिली। इस दिन सेंसेक्स 97.41 अंकों या 0.35 फीसदी गिरकर 28,085.16 पर बंद हुआ। इसी दिन भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी तिमाही मौद्रिक नीति की घोषणा की और ब्याज दरों में कोई परिवर्तन नहीं करते हुए उसे यथावत बनाए रखने का फैसला किया।

बुधवार को ऑटो, फार्मा शेयरों और रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े शेयरों में गिरावट देखने को मिली और सेंसेक्स 310.28 अंकों या 1.1 फीसदी गिरकर 27,774.88 पर बंद हुआ, जो 4 अगस्त 2016 के बाद का सबसे अधिक निचला स्तर है। वैश्विक पर कमजोरी के कारण शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट हुई।

गुरुवार को प्रमुख शेयरों में थोड़ी तेजी दिखी और सेंसेक्स 84.72 अंकों या 0.31 फीसदी तेजी के साथ 27,859.60 पर बंद हुआ। उसके बाद शुक्रवार को अच्छी तेजी देखने को मिली और सेंसेक्स 292.80 अंकों या 1.05 फीसदी चढ़कर 28,152.40 पर बंद हुआ।

शुक्रवार को बैंकिंग शेयरों और रिलायंस व एचडीएफसी जैसे बड़े शेयरों में तेजी रही। सेंसेक्स इस दिन 292.80 अंकों या 1.05 फीसदी तेजी के साथ 28,152.40 अंक पर बंद हुआ।

इस हफ्ते सेंसेक्स के 30 प्रमुख शेयरों में से 16 में गिरावट और 14 में तेजी देखने को मिली। भारती एयरटेल के शेयर में 4.58 फीसदी की गिरावट आई। बैंकिंग शेयरों का मिलाजुला रुख रहा। बीएसई का बैंकएक्स सूचकांक में 0.52 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जो सेंसेक्स से ज्यादा है। एक्सिस बैंक में 4.47 फीसदी बढ़ोतरी हुई। आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक में क्रमश: 0.06 फीसदी और 1.65 फीसदी गिरावट आई।

इस हफ्ते सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) में 2.01 फीसदी और एचडीएफसी में 2.85 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। आईटी शेयरों में सॉफ्टवेयर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इंफोसिस के शेयरों में 0.38 फीसदी की गिरावट आई। टीसीएस के शेयर 3.15 फीसदी और विप्रो के शेयरों में 0.03 फीसदी की वृद्धि हुई। बीएसई के आईटी सूचकांक में 0.27 फीसदी की तेजी देखी गई।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयर 4.47 फीसदी चढ़े। बैंक ने वर्तमान वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उम्मीद से कम घाटा दर्ज किया, क्योंकि बैंक के फंसे हुए कर्जो के कारण अधिक नुकसान की आशंका थी। समीक्षाधीन अवधि में बैंक का मुनाफा 31.72 फीसदी गिरकर 2,520.96 करोड़ रुपये रहा। जबकि बैंक के राजस्व में पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 9.38 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 48,928.60 करोड़ रुपये रही। बैंक ने इन परिणामों की घोषणा शुक्रवार को बाजार में कारोबारी सत्र के दौरान की।

बैंक की गैर निष्पादित सपत्तियां (एनपीए) 30 जून 2016 को 1,01,541.18 करोड़ रुपये थी, जबकि 31 मार्च 2016 को यह 98,172.80 करोड़ रुपये थी। बैंक के फंसे हुए कर्जो का कुल कर्जो में अनुपात 30 जून 2016 को बढ़कर 4.05 फीसदी हो गया, जबकि 31 मार्च 2016 को यह 3.81 फीसदी था और 30 जून 2015 को यह 2.24 फीसदी था।

वहीं, ऑटो शेयरों में गिरावट देखी गई। बीएसई के ऑटो सूचकांक में 1.21 फीसदी की गिरावट आई। टाटा मोटर्स के शेयरों में 0.21 फीसदी, मारुति सुजुकी इंडिया के शेयरों में 1.04 फीसदी की गिरावट आई। वहीं, बजाज ऑटो के शेयर में 0.27 फीसदी की बढो़तरी दर्ज की गई। महिंद्रा एंड महिंद्रा के शयेर में 2.11 फीसदी की गिरावट आई। हीरो मोटोकॉर्प के शेयर में 3.52 फीसदी की गिरावट आई।

फार्मा शेयरों में सन फार्मास्युटिकल के शेयर में 4.81 फीसदी और ल्यूपिन के शेयरों में 5.71 फीसदी की गिरावट आई। वहीं, डॉ. रेड्डी के शेयर में 0.1 फीसदी की तेजी देखी गई।

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में ओएनजीसी और कोल इंडिया के शेयरों में क्रमश: 3.23 फीसदी और 2.6 फीसदी की तेजी आई।

इस दौरान सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक को आधिकारिक रूप से मुद्रास्फीति को 4 फीसदी के स्तर पर काबू में रखने को कहा है, जिसमें 2 फीसदी ऊपर-नीचे का टालरेंस स्तर रखा गया। शुक्रवार 5 अगस्त को जारी नोटिफिकेशन में सरकार ने मुद्रास्फीति का लक्ष्य 2 से 6 फीसदी तक रखने का नोटिफिकेशन जारी किया जो 31 मार्च 2021 तक वैध है। मुद्रास्फीति का लक्ष्य हर पांच साल पर आरबीआई के परामर्श से केंद्र सरकार द्वारा तय की जाती है।

वहीं, इस हफ्ते बहुप्रतीक्षित वस्तु एवं सेवा कर संविधान संशोधन विधेयक भी लोकसभा में पारित कर दिया गया। यह विधेयक पिछले हफ्ते राज्यसभा में और 8 अगस्त को लोकसभा में पारित हुआ। सरकार ने इसे पूरे देश में एक अप्रैल 2017 से लागू करने की योजना बनाई है।

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