रांची, 1 सितम्बर (आईएएनएस)। महालेखा परीक्षक एवं नियंत्रक (कैग) ने अपनी रपट में कहा है कि विद्यालयों और अन्य जगहों पर शौचालयों का निर्माण करने में झारखंड काफी पीछे है।
रांची, 1 सितम्बर (आईएएनएस)। महालेखा परीक्षक एवं नियंत्रक (कैग) ने अपनी रपट में कहा है कि विद्यालयों और अन्य जगहों पर शौचालयों का निर्माण करने में झारखंड काफी पीछे है।
कैग की रपट में कहा गया है, “झारखंड में वित्त वर्ष 2009 और 2014 में 9809 शौचालयों का निर्माण किया गया, जबकि उसे 14859 शौचालय बनाने थे। इसका अर्थ यह हुआ कि लक्ष्य का केवल 66 फीसदी ही काम हुआ।”
रपट में कहा गया है, “इसी समय में महज 42 फीसदी आंगनबाड़ी शौचालयों का निर्माण हुआ। सामुदायिक स्वच्छता समूह के लिए शौचालयों को बनाने के मामले में तो महज नौ फीसदी काम हुआ है, जबकि इनके लिए 2464 शौचालय बनने थे। “
इसी हफ्ते जारी हुई कैग रपट में कहा गया है कि 2009 से 2014 के बीच विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, सामुदायिक केंद्रों और ठोस तरल कचरा प्रबंधन के लिए निर्धारित लक्ष्य का शून्य से 60 फीसदी ही काम हुआ।
योजनाओं की कार्य निष्पादन और लेखा परीक्षण रपट से पता चलता है कि योजनाओं के निष्पादन के लिए एजेंसियों को बनाने में देरी की गई।
कैग रपट के मुताबिक, कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (पीएमयू) कुल उपलब्ध 449.25 करोड़ रुपये के कोष में से महज 262.65 करोड़ रुपये ही खर्च कर सकी।
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