नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम.वेंकैया नायडू ने सोमवार को कहा कि शौचालय का इस्तेमाल सभी की जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए, खासकर गरीबों की।
यहां विश्व शौचालय कांग्रेस को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा, “देश में पूर्णत: साफ-सफाई के लक्ष्य को हासिल करने के लिए शौचालय के इस्तेमाल को जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा, खासकर गरीब लोगों को।”
नायडू ने कहा कि वर्तमान में 7,135 शहरों व कस्बों में से कोई भी ग्रीन सिटी के मापदंडों पर खरा नहीं उतरा है।
केवल तीन शहरों- चंडीगढ़, मैसूर तथा सूरत एवं नई दिल्ली नगरपालिका परिषद क्षेत्र को ग्रीन सिटी के लिए निर्धारित 90 में से 66 अंक मिले हैं।
उल्लेखनीय है कि ग्रीन सिटी का दर्जा प्राप्त करने के लिए कुल 90 अंक आने जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता के आधार पर शहरों की रैंकिंग का काम मार्च तक खत्म होगा।
मंत्री ने कहा कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 54 अरब डॉलर प्रतिवर्ष अपर्याप्त स्वच्छता के कारण खर्च हो जाता है।
उन्होंने कहा कि शहरी इलाकों में 13 फीसदी लोग खुले में शौच करते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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