पिछले कुछ सालों में बहरेपन की समस्या तेजी से बढ़ी है। एक सर्वेक्षण के अनुसार, अमेरिका में वर्ष 1988 के बाद से बहरेपन से पीड़ित अमेरिकी किशोरों की संख्या 31 प्रतिशत बढ़ी है।
इस प्रवृत्ति के लिए विभिन्न तरह के नृत्य-संगीत कार्यक्रम जैसे कांसर्ट और नाइट क्लब को जिम्मेवार माना गया है। जहां कई घंटों तक ध्वनि का दबाव स्तर 100 से 110 डेसीबल पर रहता है।
इस शोध के लिए नीदरलैंड स्थित यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर यूट्रेक्ट के विल्को ग्रोलमैन और उनके सहयोगियों ने 27 साल की औसत आयु वाले 51 प्रतिभागियों का अध्ययन किया।
इन प्रतिभागियों को एक संगीत कार्यक्रम में 4.5 घंटे बिताने के लिए कहा गया। इस दौरान शोधार्थियों ने इनका ईयरफोन और बगैर ईयरफोन दोनों ही स्थितियों में अध्ययन किया।
शोधार्थियों न देखा कि ईयरफोन धारण करने वाले प्रतिभागियों में अस्थायी बहरेपन की संभावना केवल आठ प्रतिशत थी, वहीं बिना ईयरफोन वाले प्रतिभगियों में यह संभावना 42 प्रतिशत देखी गई।
ग्रोल्मैन ने बताया कि यह निष्कर्ष बहरेपन की समस्या का सबूत प्रदान करते हैं, जो लगातार बढ़ रही है।
यह शोध अमेरिकी पत्रिका ‘जेएएमए ओटोलर्यनोलोजी-हेड एंड नेक सर्जरी’ में प्रकाशित हुआ है।
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