मुंबई, 23 दिसम्बर (आईएएनएस)। वर्तमान वित्त वर्ष की प्रथम छमाही में सूचीबद्ध वाणिज्यिक बैंकों की संपत्ति की गुणवत्ता का ह्रास होने के कारण उनके कारोबार के सामने जोखिम बढ़ा है। यह बात बुधवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कही।
आरबीआई ने कहा कि बैंकों की जमा और ऋण राशि में गिरावट आई है और तनाव ग्रस्त संपत्ति बढ़ी है।
आरबीआई ने कहा कि बैंकिंग स्थिरता सूचकांक से पता चलता है कि संपत्ति की गुणवत्ता के ह्रास और लाभ नहीं बढ़ने से बैंकिंग क्षेत्र के सामने जोखिम बढ़ गया है।
आरबीआई ने बुधवार को जारी 12वीं वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में कही कि सूचीबद्ध वाणिज्यिक बैंकों का व्यापार में सुस्ती आई है, क्योंकि उनके जमा और ऋण की वृद्धि दर घटी है।
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