संयुक्त राष्ट्र, 20 नवंबर (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने गुरुवार को विश्व शौचालय दिवस पर पूरी दुनिया में स्वच्छता के बेहतर इंतजाम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के हर तीन लोगों में से एक सफाई की व्यवस्था से वंचित है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा, “स्वच्छता व्यक्तिगत विकास, गरिमा और स्वास्थ्य की दृष्टि से इंसानों और पर्यावरण दोनों के लिए ही जरूरी है। इसके बावजूद आज दुनिया में हर तीन में से एक व्यक्ति स्वच्छता का अभाव झेलने और हर आठ में एक व्यक्ति खुले में शौच करने के लिए मजबूर हैं।”
बान ने कहा कि इस साल का विश्व शौचालय दिवस स्वच्छता की कमी और कुपोषण को जोड़ने वाले दुष्चक्र पर केंद्रित है। सफाई की कमी बीमारियों और कुपोषण की जननी है।
उन्होंने कहा, “हर साल कई बच्चे स्वच्छता की कमी के कारण 5 साल की उम्र में ही डायरिया और कुपोषण से दम तोड़ देते हैं। नैतिक और आर्थिक योजनाओं के बाद भी स्वच्छता की प्रगति की रफ्तार बेहद धीमी है।”
बान ने कहा, “इसलिए हमने स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए 2013 में इस मिशन की शुरुआत की और हमारा उद्देश्य 2025 तक खुले में शौच की प्रथा को समाप्त करना है। हमें लोगों को शिक्षित करना होगा, सांस्कृतिक विचारों और उन प्रथाओं को बदलना होगा जो लंबे समय से आत्मसम्मान की राह में बाधा बनी हुई हैं।”
विश्व शौचालय दिवस का उद्देश्य उन लोगों के बारे में जागरूकता फैलाना है जिनके पास शौचालय नहीं है, जबकि यह एक तथ्य है कि स्वच्छता और स्वच्छ पानी मानव का अधिकार है।
dharmpath.com dharmpath