संयुक्त राष्ट्र, 16 मई (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने माली की राजधानी बामाको में माली सरकार और सशस्त्र समूहों के बीच हुए शांति समझौते का स्वागत किया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रपट के मुताबिक, माली की सरकार ने शुक्रवार को बामाको में आयोजित एक कार्यक्रम में सरकार समर्थित लड़ाकों और कुछ छोटे विद्रोही समूहों के साथ एक शांति एवं सुलह समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान मुख्य विद्रोही समूह द कॉर्डिनेशन ऑफ अजावद मूवमेंट्स (सीएएम) गैरमौजूद था।
शांति समझौते से देश के उत्तरी भाग में स्थिति सामान्य होगी।
बान के प्रवक्ता द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, “महासचिव बान की-मून का कहना है कि कुछ पक्षों का समझौते पर हस्ताक्षर करना, स्थाई शांति की राह की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।”
उन्होंने कहा, “महासचिव उम्मीद करते हैं कि अन्य पक्ष भी जल्द से जल्द समझौते का पालन करेंगे।”
माली के तुआरेज के नेतृत्व वाले सीएमएम ने इस सप्ताह के प्रारंभ में समझौते पर हस्ताक्षर करने के फैसले की घोषण की थी, लेकिन इसने कहा कि समझौते के लिए 15 मई, 2015 की तारीख उनसे परामर्श किए बिना तय कर ली गई, इसलिए वे वहां नहीं मौजूद होंगे।
सीएमए ने गुरुवार को अल्जीयर्स में सरकार के साथ शुरुआती शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। लेकिन इसने कहा था कि इसके कुछ पहलुओं पर मध्यस्थों और माली सरकार के साथ काम करने की जरूरत है।
बान ने सशस्त्र समूहों के समन्वय गठबंधन द्वारा समाझौते की दिशा में बढ़ने का स्वागत किया।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने देश में युद्ध का तुरंत अंत करने और सीएमए से शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने का आह्वान किया है।
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