संयुक्त राष्ट्र महासभा के विशेष सत्र में सभी सदस्य देशों ने अवैध ड्रग्स के खिलाफ जारी अपनी लड़ाई और वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर चर्चा की।
संयुक्त राष्ट्र के उप महासचिव जॉन एलियासन ने उद्घाटन सत्र से पहले कहा, “नशीली दवाओं के दुरुपयोग से होने वाले भयानक परिणामों से केवल उपयोगकर्ता ही नहीं, बल्कि उसका परिवार और समुदाय भी प्रभावित होता है। ड्रग्स एचआईवी, टीबी और हेपेटाइटिस के प्रसार से जुड़ा है।”
उन्होंने कहा, “हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम इससे प्रभावित होने वाले लोगों की उच्चतम स्तर पर देखभाल और उपचार प्रदान करें।”
ड्रग्स और अपराध के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के कार्यकारी निदेशक यूरी फेडोटोव ने जोर देकर कहा कि वैश्विक ड्रग्स नीतियों में लोगों को पहला स्थान देना चाहिए, जिसका अर्थ है कि वैश्विक दवा नियंत्रण प्रणाली की आधारशिला के सिद्धांतों की पुष्टि और स्वास्थ्य तथा मानव जाति का कल्याण ही अंतरराष्ट्रीय दवा सम्मेलनों का उद्देश्य है।
इसमें सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र के 128 सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल रहे। इसमें राज्य, सरकार और मंत्रियों के 28 प्रमुखों सहित अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, नागरिक समाज और अन्य हितधारकों ने भी अपने विचारों और जानकारी का आदान-प्रदान किया।
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