लीमा, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम योंग किम ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र के स्थायी विकास के 17 लक्ष्य महंगे हैं लेकिन अगर इन लक्ष्यों को हासिल कर लिया जाए तो इनकी कीमत वसूल हो जाएगी।
यहां विश्व बैंक-अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की सालाना बैठक में संयुक्त राष्ट्र स्थायी विकास लक्ष्य (एसडीजी) के लिए धन के इंतजाम के मुद्दे पर हुए विचार विमर्श के दौरान किम ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि एसडीजी हासिल करने के लिए खरबों अमेरिकी डालर खर्च करने पड़ेंगे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार किम ने शुक्रवार को कहा, “ये (एसडीजी) अविश्वसनीय हद तक महत्वाकांक्षी हैं। इन्हें अपनी व्यापकता की वजह से विश्व को विनम्र बना देना चाहिए।”
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ)की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लागार्ड ने कहा कि उनकी संस्था एसडीजी के लिए देशों को धन उपलब्ध कराने में मदद देगी।
उन्होंने कहा, “आईएमएफ देशों को आर्थिक स्थायित्व के लिए मदद देगा। हम जलवायु परिवर्तन और लैंगिक समानता के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। महिलाएं अर्थव्यवस्था पर काफी प्रभाव डाल सकती हैं।”
लागार्ड ने कहा, ” 5.4 खरब अमेरिकी डालर जीवाश्म ईंधन अनुदान पर बरबाद कर दिया जा रहा है। ये पूरा धन किसी और चीज पर खर्च हो सकता है।”
किम ने कहा कि एसडीजी में धन जुटाने के लिए उन बातों का ध्यान रखा जा रहा है जो अतीत के मिलेनियम डेवलपमेंट गोल्स (एमडीजी) में नहीं थीं।
किम ने कहा, “एमडीजी के लिए धन जुटाने के मुद्दे पर हमने तब तक बात नहीं की थी जब तक दो साल गुजर नहीं गए थे। लेकिन, एसडीजी पारित होने के दो साल पहले ही संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून विश्व बैंक-आईएमएफ आए और हमसे कहा कि एसडीजी के लिए धन एकत्र करने के बारे में हम रचनात्मक रूप से सोचें।”
इसी प्रक्रिया की वजह से इन संस्थाओं ने ‘अरबों से खरबों तक’ नाम का दस्तावेज जारी किया जिसमें इन्होंने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे से निपटने के लिए धन एकत्र करने के नए तौर तरीकों का जिक्र किया है।
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