सत्य की हमेशा जीत होती है : चांडी

तिरुवनंतपुरम, 29 जनवरी (आईएएनएस)। केरल के मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने अपने खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने पर रोक लगाने के अदालत के आदेश पर कहा कि सत्य की हमेशा जीत होती है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ आरोप गहरी साजिश का नतीजा हैं।

केरल उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को निचली अदालत के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें चांडी और केरल के ऊर्जा मंत्री आर्यादान मोहम्मद पर सौर पैनल घोटाला मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा गया था।

उच्च न्यायालय के फैसले पर चांडी ने अपने सरकारी आवास पर संवाददाताओं से कहा, “मैंने हमेशा अपनी अंतरात्मा पर विश्वास किया है। मेरा पक्का विश्वास इसमें है कि अगर किसी ने कुछ गलत नहीं किया है तो उसके साथ कुछ गलत नहीं हो सकता। लेकिन, अगर किसी से बहुत छोटी गलती भी हुई है तो उसे उसकी भारी कीमत चुकानी होती है। सत्य की सदैव जीत होती रही है और होती रहेगी।”

सौर पैनल घोटाले की मुख्य आरोपियों में से एक सरिता नायर ने जांच आयोग के सामने आरोप लगाया था कि उसने थामस कुरुविला नाम के आदमी को 1.90 करोड़ रुपये दिए थे। ये रुपये चांडी को दिए जाने थे। उसने यह भी कहा कि उसने मोहम्मद को 40 लाख रुपये दिए थे।

सरिता के इस आरोप के बाद सामाजिक कार्यकर्ता पी.डी.जोसफ ने त्रिशूर की सतर्कता अदालत में बुधवार को मामला उठाया। इसके बाद सतर्कता अदालत न्यायाधीश एस.एस.वासन ने चांडी और मोहम्मद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।

वासन के आदेश के खिलाफ चांडी और मोहम्मद की याचिका की सुनवाई केरल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पी.ओबैद ने की। उन्होंने न सिर्फ वासन के एफआईआर दर्ज करने के आदेश पर रोक लगा दी बल्कि कहा कि वासन के काम की वजह से उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।

वासन ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आग्रह करते हुए अपनी अर्जी लगा दी है।

चांडी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सभी नए रहस्योद्घाटन और बीते हफ्तों की गतिविधियां एक गहरी साजिश का नतीजा हैं। उन्होंने संकेत दिया कि इसका ताल्लुक उनकी सरकार की नई आबकारी नीति से है।

चांडी ने कहा, “थोड़ा इंतजार कीजिए। साजिश सामने आ जाएगी। कुछ सुराग सामने आए हैं और साजिशकर्ताओं के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी।”

चांडी ने कहा कि उनकी सरकार ने आने वाले सालों में राज्य में पूर्ण नशाबंदी की दिशा में काम करते हुए राज्य में 700 बारों को बंद करने का साहसिक फैसला लिया था। ये सभी कुछ इसी वजह से हो रहा है।

उन्होंने कहा, “बार मालिकों का एक हिस्सा इसी वजह से परेशान है। और, आपने सौर घोटाले में भी नए रहस्योद्घाटनों के बारे में सुना होगा। यह मामला तीन साल से चल रहा है और अब जो बयान आ रहे हैं वे पहली बार आ रहे हैं।”

चांडी ने कहा कि सौर घोटाले में आरोपी सरिता नायर ने पहले कहा था कि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने उन्हें इस तरह की बातें बताने के लिए 10 करोड़ रुपये देने की पेशकश की थी। चांडी ने कहा कि अभी तक माकपा ने सरिता के इस बयान पर कुछ नहीं कहा है।

चांडी ने कहा कि उनके पुत्र चांडी ओमेन सरिता के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे। चांडी ने कहा कि उन्हें यह समझने में थोड़ा वक्त लग गया कि यह पूरी सौर परियोजना फर्जी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे की शनिवार को बैठक होगी जिसमें तय किया जाएगा कि आबकारी मंत्री के.बाबू के इस्तीफे पर क्या करना है।

त्रिशूर की सतर्कता अदालत ने बाबू के खिलाफ बार मालिक बीजू रमेश से 50 लाख की रिश्वत लेने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद बाबू ने इस्तीफा दे दिया था जिसे अभी स्वीकार नहीं किया गया है। केरल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पी.ओबैद ने बाबू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश पर गुरुवार को रोक लगा दी थी।

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