पणजी, 23 सितम्बर (आईएएनएस)। कांग्रेस की गोवा इकाई ने बुधवार को राज्य में सक्रिय सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगाने की मांग की, जिसके एक सदस्य पर फरवरी में महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हुई वामपंथी नेता गोविंद पनसारे की हत्या का आरोप लगा है।
गोवा कांग्रेस के प्रवक्ता दुर्गादास कामत ने बुधवार को कहा कि दक्षिणपंथी हिंदू संगठन कथित तौर पर नफरत फैलाने और देश को धर्म के आधार पर बांटने में संलिप्त है। इसे प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।
कामत ने कहा, “सनातन संस्था जैसे संस्थान नफरत फैला रहे हैं और देश को धार्मिक आधार पर बांट रहे हैं। ऐसे संस्थानों को न सिर्फ गोवा में प्रतिबंधित किया जाना चाहिए, बल्कि पूरे देश में प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।”
कामत के इस बयान से पहले गोवा के मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले एक भाजपा विधायक ने इसी तरह की मांग की थी। सेंट आंद्रे विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले भाजपा विधायक विष्णु वाघ ने संस्था पर प्रतिबंध लगाने की मंगलवार को मांग की थी।
वाघ ने कहा, “लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। जो लोग प्रतिरोध की आवाज गोलियों से दबाने का प्रयास कर रहे हैं, वे सभी आतंकवादी हैं, क्योंकि वे विपक्ष को डराने की कोशिश कर रहे हैं। यह बात गोविंद पनसारे और एम.एम. कलबुर्गी की हत्या से स्पष्ट हो जाती है। इन मामलों में सनातन संस्था का हाथ स्पष्ट है।”
वाघ ने कहा कि अगर गोवा सरकार राज्य में श्री राम सेना के प्रमुख प्रमोद मुतालिक के यहां प्रवेश पर प्रतिबंध लगा सकती है, तो सनातन संस्था पर भी प्रतिबंध लगा सकती है।
संस्था ने पणजी में बयान जारी कर बार-बार इन आरोपों को खारिज कर दिया है कि संस्था के सदस्य पनसारे की हत्या में शामिल रहे हैं। हालांकि इस हत्याकांड की जांच कर रहे एक विशेष जांच दल ने संस्था के सदस्य समीर गायकवाड को गिरफ्तार किया है और एक अन्य सदस्य रुद्र पाटील की तलाश जारी है, जो 2009 में गोवा के मरगाव कस्बे में हुए एक विस्फोट के बाद से फरार है।
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