उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की समिति में केवल अध्यक्ष है और बाकी सदस्यों का नामोनिशान नहीं है। यही कारण है कि ट्रस्ट में भ्रष्टाचार हो रहा है, अवैध निर्माण जारी है और इमारतों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
मौलाना ने मांग की कि सरकार ट्रस्ट की संपत्ति के आकलन और आत्मनिरीक्षण के लिए श्वेतपत्र जारी करे, ताकि ट्रस्ट की कुल संपत्ति का ज्ञान हो सके। यह पता चल सके कि कितनी संपत्तियां नुजुल वंश में सूचीबद्ध हैं और कितनी नुजुल वंश से हट चुकी है। यही नहीं, कितनी संपत्ति सुरक्षित है और कितनी संपत्ति को बर्बाद कर दिया गया है।
मौलाना ने कहा कि वक्फ में लूट मची है इतनी लूट अंग्रेजों ने गदर में भी नहीं की होगी जितनी सपा सरकार और प्रशासन ने मचाई हुई है।
उन्होंने कहा, “हमने वक्फ के संरक्षण और हुसैनाबाद ट्रस्ट की संपत्ति की हिफाजत के लिए विभिन्न सरकारी विभागों को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।”
मौलाना जव्वाद ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से लेकर प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री, एलडीए और अन्य विभागों को पत्र लिखकर डीएम और ट्रस्ट के विनाश के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर करने की मांग की, लेकिन हर तरफ वक्फ की बर्बादी पर चुप्पी है।
उन्होंने कहा कि अगर कौम के लोग एकजुट नहीं होंगे, तो यूं ही लूट जारी रहेगी।
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