नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को तनावग्रस्त संपत्ति से जूझ रहे बैंकों की मदद के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि बैंकों की वित्तीय स्थिति ठीक रखने के लिए सरकार भी संसाधन उपलब्ध कराएगी।
आम बजट 2016-17 पेश करने के बाद यहां उद्योग संघों फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की), भारतीय उद्योग परिसंघ और एसोचैम के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान जेटली ने कहा, “आरबीआई ने मंगलवार की शाम एक अत्यधिक सकारात्मक कदम उठाया, जिससे बैंकों के पुनर्पूजीकरण में और मदद मिलेगी।”
मंत्री ने कहा कि बैंकिंग एक तनावग्रस्त क्षेत्र है और सरकार सरकारी बैंकों को पेशेवर बनाने की कोशिश कर रही है और उनका पुनर्पूजीकरण कर रही है।
उन्होंने कहा, “सरकारी बैंकों की सेहत ठीक रखने के लिए जो भी संसाधन चाहिए, हम देंगे।”
आरबीआई ने मंगलवार को कहा कि बैंक अब कुछ मामलों में संपत्ति के पुनर्मूल्यांकन से होने वाले लाभ को मुख्य पूंजी आवश्यकता में दिखा सकेंगे।
आरबीआई ने विदेशी मुद्रा के रूपांतरण को भी वित्तीय लेखा-जोखा में सामान्य शेयर पूंजी के रूप में दिखाने की अनुमति दे दी और साथ ही विलंबित कर परिसंपत्ति की गणना संबंधी नियम भी ढीले कर दिए।
आरबीआई ने कहा कि बैंकों को अंतर्राष्ट्रीय बैसेल तीन पूंजी मानकों के अनुरूप बनाने के लिए वह बैंकों की नियामकीय पूंजी तय करने में बायलेंस शीट के कुछ मदों के साथ किए जाने वाले व्यवहार में सुधार कर रही है।
एक अनुमान के मुताबिक बासल-3 पूंजी पर्याप्तता अनुपात पर खरा उतरने के लिए 2018 तक सरकारी बैंकों को 2.40 लाख करोड़ रुपये तक की जरूरत होगी।
जेटली ने सोमवार को पेश बजट में बैंकों के पुनर्पूजीकरण के लिए 25 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
आरबीआई की पूंजी पर्याप्तता नियमों की घोषणा के बाद बुधवार को शेयर बाजारों में बैंकों के शेयरों में उछाल देखा गया।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के बैंकिंग सेक्टर में 4.92 फीसदी तेजी रही और इसके सभी 10 शेयर तेजी के साथ बंद हुए।
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