‘सरकार कर रही है एकीकृत तेल, गैस इकाइयां लगाने की तैयारी’

नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। आम बजट में सरकार ने सरकारी तेल और गैस कंपनियों को मिलाकर एक कंपनी बनाने का प्रस्ताव दिया था। अब इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए सरकार दो से तीन एकीकृत इकाइयां बनाने पर विचार कर रही है। एक ऊर्जा विशेषज्ञ ने यहां यह जानकारी दी है।

नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। आम बजट में सरकार ने सरकारी तेल और गैस कंपनियों को मिलाकर एक कंपनी बनाने का प्रस्ताव दिया था। अब इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए सरकार दो से तीन एकीकृत इकाइयां बनाने पर विचार कर रही है। एक ऊर्जा विशेषज्ञ ने यहां यह जानकारी दी है।

नरेंद्र तनेजा ने बीटीवीआई को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार ओएनजीसी (तेल और प्राकृतिक गैस निगम) की अगुवाई में एकीकृत कंपनी के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है। वहीं, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन दूसरी बड़ी एकीकृत कंपनी हो सकती है। गेल को गैस खंड में एक अलग कंपनी बनाए रखना चाहिए।”

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट प्रस्तावों में तेल कंपनियों को मिलाने की बात कही थी। जानकारी के मुताबिक तेल खनन कंपनी ओएनजीसी 44,000 करोड़ रुपये में एचपीसीएल को खरीदने वाली है।

तनेजा ने कहा, “ऐसा ओएनजीसी की बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है, ताकि वह दुनिया की बड़ी वैश्विक कंपनियों से प्रतिस्पर्धा कर सके। इस एकीकरण के बाद ओएनजीसी 100 अरब डॉलर की कंपनी बन जाएगी।”

सरकार का मानना है कि ज्यादा बड़ी कंपनी बनने से कंपनी को वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल, प्रौद्योगिकी, शोध व विकास की विशेषज्ञता आदि खरीदने में सौदेबाजी की क्षमता बढ़ेगी। साथ ही कंपनी तेजी से निर्णल ले पाएगी।

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने स्पष्ट किया है कि वित्त वर्ष 2017-18 के बजट में सरकार ने जो तेल कंपनियों के विलय के इरादे की घोषणा की है, उसका मतलब कई सारी कंपनियों का गठन करना है।

तनेजा ने कहा, “सरकार अगर कंपनियों के विलय का फैसला करती है तो यह अच्छा कदम होगा। लेकिन एचपीसीएल की स्वायत्तता बरकरार रखनी चाहिए क्योंकि इसकी कार्यसंस्कृति ओएनजीसी से बिल्कुल अलग है।”

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