उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों को नौकरी देने के लिए ही सरकार ने उनका समायोजन किया था। उच्च न्यायालय ने इस पर रोक लगा दी। हमारी सरकार अदालत के फैसले का सम्मान करती है। शिक्षामित्रों को निराश होने की जरूरत नहीं है।
हमारी सरकार उनके भविष्य पर विचार कर रही है। अगर दूसरे राज्य में बिना टीईटी पास शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाया गया है, तो उसे उप्र में भी लागू किया जाएगा। गौरतलब हो कि उच्च न्यायालय का फैसला आने का बाद उप्र में शिक्षामित्र आंदोलन कर रहे हैं।
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