इस्लामाबाद, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। कश्मीरी अलगाववादी नेता सैयद सलाहुद्दीन ने जम्मू एवं कश्मीर को भारत से अलग करने में मदद करने के लिए पााकिस्तान से ‘सैन्य समर्थन’ देने का आग्रह किया है।
दैनिक समाचार पत्र ‘डॉन’ के अनुसार, सलाहुद्दीन ने कहा, “कश्मीर मुद्दा वार्ताओं या प्रस्तावों के जरिए हल होने नहीं जा रहा है। पाकिस्तान को चाहिए कि वह मुजाहिदीनों को संसाधन उपलब्ध कराकर कश्मीरियों का सैन्य समर्थन करे।”
युनाइटेड जेहाद कौंसिल (यूजीसी) के चेयरमैन ने कहा, “अगर मुजाहिदीन को सैन्य समर्थन मिलता है तो न केवल कश्मीरी आजादी हासिल करेंगे, बल्कि उपमहाद्वीप का नक्शा भी बदल जाएगा।”
सलाहुद्दीन ने विस्तारपूर्वक बताने से इनकार कर दिया कि जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवादियों को किस तरह के सैन्य समर्थन की जरूरत है, जहां अलगाववादी साल 1989 से अभियान चला रहे हैं, जिसमें हजारों लोग मारे जा चुके हैं।
भारत आरोप लगाता रहा है कि जम्मू एवं कश्मीर को भारत से अलग करने के लिए पाकिस्तान आतंकियों को प्रशिक्षण, धन और हथियार दे रहा है। पाकिस्तान कहता है कि वह विद्रोहियों को केवल राजनीतिक और कूटनीतिक समर्थन देता है।
वर्षो से पाकिस्तान में रह रहे सलाहुद्दीन ने कहा, “जब दुनिया हमलोगों पर ध्यान नहीं दे रही है, तब हमलोगों के लिए सशस्त्र संघर्ष ही एकमात्र विकल्प बचा है।”
मूल रूप से जम्मू एवं कश्मीर के बडगाम जिले का रहने वाला सलाहुद्दीन साल 1987 में जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा के चुनाव में पराजित हुआ था। बाद में वह पाकिस्तान चला गया।
वह युनाइटेड जिहाद कौंसिल का प्रमुख है जिसके तहत अलगाववादियों को पाकिस्तान का समर्थन मिलता है।
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