भोपाल, 24 सितम्बर (आईएएनएस)। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही ‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ के जरिए गांव की तस्वीर बदलना चाहते हों, मगर उनके ही दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों की इस योजना में कितनी दिलचस्पी है, यह खुलासा करती है, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित ‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ की पहली कार्यशाला। इस कार्यशाला में भाजपा के ही बड़ी संख्या मे सांसद नहीं पहुंचे।
भोपाल की कार्यशाला के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से 100 संसदों को बुलाया गया था, इसमें मध्य प्रदेश के लोकसभा और राज्यसभा के सांसद भी शामिल थे। आमंत्रित किए गए सांसदों में महज एक तिहाई अर्थात 33 सांसद ही इस कार्यशाला में पहुंचे। राज्य के तो मात्र 11 सांसदों ने ही हिस्सा लिया। इतना ही नहीं बुलाए गए जिलाधिकारी भी पर्याप्त संख्या में नहीं पहुंचे।
प्रदेश के ग्रामीण विकास विभाग के एक अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर कहा, “पहले दिन 31 और दूसरे दिन 33 सांसद कार्यशाला में आए।”
प्रधानमंत्री मोदी ने सत्ता की कमान संभालने के बाद सांसदों से एक-एक गांव गोद लेकर उनके समुचित विकास के लिए ‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ शुरू की थी। इस योजना के अमल में आने के बाद पहली कार्यशाला भोपाल में हुई। इस कार्यशाला में 100 सांसद, 125 जिलाधिकारियों सहित अन्य अफसरों को बुलाया गया था, मगर पहुंचे बहुत कम।
भोपाल के सांसद आलोक संजर ने संवाददाताओं से चर्चा में कहा कि यह कार्यशाला बहुत उपयोग थी, इसमें गांव के विकास को लेकर उपलब्ध कराई गई जानकारी काफी उपयोगी है।
dharmpath.com dharmpath