सिंगापुर, 12 जुलाई (आईएएनएस)। सिंगापुर की एक अदालत ने मंगलवार को चार बांग्लादेशी कामगारों को आतंकवाद के लिए धन जुटाने का दोषी करार दिया और दो से लेकर पांच साल तक कैद की सजा सुनाई।
स्ट्रेट्स टाइम्स की खबर के अनुसार, रहमान मिजानुर(31), मिया रुबेल (26) मुहम्मद जाबाथ कैसर हाजी नुरुल इस्लाम सौदागर (31) और सोहेल हवालादेर इस्माइल हवालादेर (29) को इंटरनल सिक्युरिटी एक्ट (आईएसए) के तहत अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था।
रहमान को 60 माह कैद की सजा सुनाई गई है। सुहैल को 24 माह, जबकि मिया और जाबाथ को 30 माह की कैद हुई है।
ये सारी सजाएं 27 मई से प्रभावी मानी जाएंगी, जिस दिन पहली बार ये अदालत में पेश हुए थे।
इसके पहले इन पर बांग्लादेश में आतंकियों के लिए धन देने या एकत्र करने का आरोप लगाया गया था। इन्हें 31 मई को दोषी करार दिया गया।
डराने वाली सजा की मांग करते हुए अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया कि ये अभियुक्त जनता की परेशानी का कारण हैं और इस्लामिक स्टेट (आईएस) के लिए धन मुहैया करा रहे हैं। आईएस दुनिया का एक सर्वाधिक खतरनाक आतंकी संगठन है।
ये चार बांग्लादेशी उन छह लोगों के गुट का हिस्सा हैं, जिन्हें आतंकवाद कानून टेररिज्म (सप्रेशन ऑफ फाइनेंसिंग) एक्ट (टीएसओएफए) के तहत आरोपित किया गया था। मुकदमा चलाने के लिए इस कानून का पहली बार इस्तेमाल किया गया है।
जमान दौलत और ममून लिआकत अली (29) ने आरोपों का खंडन किया है और मामले की फिर से सुनवाई का दावा किया है।
रहमान इस गुट का नेता था व ममून इस समूह का उपनेता था और मिया इस समूह के वित्तीय परिषद का सदस्य था। जाबाथ इस समूह का मीडिया संचालक था, जबकि जामान और सोहेल क्रमश: समूह की सुरक्षा और लड़ाकू परिषद में थे।
मिया और जाबाथ पर आतंकियों के लिए पैसे रखने का भी आरोप है।
अदालत के दस्तावेजों से पता चलता है कि जाबाथ के पास 1360 डॉलर थे। इनमें वे 1060 डॉलर भी थे जिन्हें उसे मिया ने पिछले माह दिए थे।
इन सभी ने 60 से लेकर 500 डॉलर तक का योगदान किया था।
ये बांग्लादेश में सरकार का तख्तापलट करने की उम्मीद में आतंकी हमले करने की साजिश रच रहे थे।
इनका मकसद बांग्लादेश में इस्लामिक स्टेट की स्थापना करना और इसे इस्लामिक स्टेट इन इराक एवं सीरिया (आईएसआईएस) के स्वघोषित खलीफा के मातहत लाना था।
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