उज्जैन, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ कुंभ में शांति भंग करने के आरोप में परी (महिला) अखाड़े की प्रमुख त्रिकाल भवंता को उनकी एक सहयोगी के साथ बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। भवंता ने महिला अखाड़े को शाही स्नान का अधिकार दिए जाने की मांग को लेकर जिंदा समाधि लेने की चेतावनी दी थी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र सिंह ने आईएएनएस को बताया कि भवंता और उनकी एक सहयोगी को शांति भंग करने के आरोप में धारा 151 के तहत प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, त्रिकाल भवंता मंगलवार को अपने अखाड़े को सुविधाएं देने और पुरुष अखाड़े के साथ महिलाओं को शाही स्नान की अनुमति न दिए जाने पर जिंदा समाधि लेने के लिए 10 फुट गहरे गड्ढे में बैठ गई थीं। लेकिन उस समय प्रशासन ने उन्हें मना लिया था।
पुलिस के अनुसार, तब त्रिकाल भवंता ने घोषणा की थी कि अगर आगामी 24 घंटों के भीतर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनकी मांग पूरी नहीं की तो वह जिंदा समाधि ले लेंगी। लेकिन 24 घंटे की समय सीमा समाप्त होने से पहले ही बुधवार दोपहर महिला पुलिसकर्मियों के दल ने उन्हें को उनके अखाड़ा क्षेत्र से हिरासत में ले लिया।
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