चंडीगढ़, 17 नवंबर-पंजाब में सत्ताशीन शिरोमणि अकाली दल ने सोमवार को भाजपा राज्य इकाई के अध्यक्ष कमल शर्मा से भाजपा के पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा पंजाब सरकार के खिलाफ की जा रही बयानबाजी पर अपना विरोध जताया। अकाली दल के सचिव और पंजाब सरकार में शिक्षा मंत्री दलजीत सिंह चीमा ने शर्मा से मुलाकात की और रविवार को लुधियाना में एक धार्मिक कार्यक्रम में सिद्धू की अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ विरोध जताया। अकाली नेताओं ने भाजपा से सिद्धू को काबू में रखने को भी कहा।
सिद्धू ने एक सभा को संबोधित करते हुए खुले तौर पर लोगों से कहा था कि अगले विधानसभा चुनाव में भ्रष्ट और बुरी ताकतों को पंजाब से उखाड़ फेंकना होगा। सिद्धू ने हालांकि किसी पार्टी या नेता का नाम नहीं लिया था लेकिन उनका सीधा इशारा अकाली दल के नेताओं की ओर था।
चीमा ने शर्मा से आग्रह करते हुए कहा कि वह इस मामले को पार्टी आलाकमान तक पहुंचाएं, ताकि सिद्धू पर काबू पाया जा सके। उन्होंने कहा, “सिद्धू की आपत्तिजनक टिप्पणी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व की उस बात की अवमानना है जिसमें पंजाब में अकाली दल को समर्थन बनाए रखने की घोषणा की गई थी।”
चीमा ने कहा, “सिद्धू का कृत्य असहनीय है और गठबंधन धर्म के खिलाफ है।” पंजाब में 2007 से अकाली दल और भाजपा की गठबंधन सरकार है। अकाली दल भाजपानीत केंद्र सरकार में भी सहयोगी है।
चीमा ने कहा, “इस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी भाजपा और अकाली गठबंधन के बीच कड़वाहट पैदा कर रही हैं। मुझे आशा है कि भाजपा आलाकमान इस मामले को गंभीरता से लेगा।”
सिद्धू ने हाल में हुए हरियाणा चुनाव में भी प्रचार करते हुए बादल और अकाली दल की आलोचना की थी।
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