जम्मू, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि 2013 से 31 मार्च, 2016 तक सियाचिन में 41 सैनिकों की मौत हो चुकी है।
सेना की उत्तरी कमान के प्रवक्ता कर्नल एस.डी. गोस्वामी ने कहा, “विश्व के सबसे ऊंचे लड़ाई के मैदान में सन 2013 में 10, 2014 में आठ, 2015 में नौ और इस साल 31 मार्च तक 14 सैनिकों की मौत हो गई।”
उन्होंने कहा कि ऊंचाई वाले पहाड़ी और बर्फीले इलाकों में तैनात जवान इन इलाकों के लिए उच्च कौशल में प्रशिक्षित होते हैं।
कर्नल गोस्वामी ने कहा कि हिमस्खलन की आशंका वाले इलाकों में तैनात सैनिकों को कई तरह के प्रशिक्षण दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि इलाके में मौसम की स्थिति पर ससोमा और श्रीनगर स्थित हिमपात और हिमस्खलन अध्ययन प्रतिष्ठान नजर रखते हैं। मौसम की चेतावनियों का अभियान के संदर्भ में नियमत: अनुसरण किया जाता है।
कर्नल गोस्वामी ने कहा कि दुर्गम सीमाई इलाकों में तैनात सैन्य कर्मियों को वेतन और क्षतिपूरक भत्ते के रूप में पर्याप्त क्षतिपूर्ति दी जाती है।
ये भत्ते इन सैन्य कर्मियों के वेतन के अतिरिक्त होते हैं।
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