नेशनल एसेंबली ने पांच दिवसीय चंद्र नववर्ष की छुट्टियों के अंतिम दिन एक आपात पूर्ण सत्र बुलाया और प्रस्ताव को 241 मतों के साथ पारित कर दिया। प्रस्ताव के खिलाफ केवल सात मत पड़े।
प्रस्ताव के मुताबिक, प्योंगयांग का चौथा परमाणु परीक्षण व लंबी दूरी के मिसाइल का परीक्षण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का स्पष्ट तौर पर उल्लंघन है और कोरियाई प्रायद्वीप व अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की शांति व सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने के लिए उत्तर कोरिया की उकसावे की इस कार्रवाई की निंदा की गई।
उल्लेखनीय है कि प्योंगयांग ने रविवार को लंबी दूरी के एक रॉकेट का परीक्षण किया है, जिसका उद्देश्य एक निगरानी उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजना है।
उत्तर कोरिया ने छह जनवरी को अपना चौथा परमाणु परीक्षण किया था, जिसे उसने पहले हाइड्रोजन बम का परीक्षण करार दिया।
प्रस्ताव में कहा गया कि एक लंबी दूरी के मिसाइल परीक्षण से वह एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अलग हो गया। साथ ही उत्तर कोरिया को इस उकसावे के लिए बड़ी कीमत चुकानी होगी, जिसके जिम्मेदार उनके नेता होंगे।
प्रस्ताव में प्योंगयांग से आग्रह किया गया है कि वह अपने परमाणु व मिसाइल कार्यक्रमों को त्यागे व उकसावे की कार्रवाई बंद कर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का एक जिम्मेदार सदस्य बने।
सांसदों ने दक्षिण कोरिया सरकार से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से प्योंगयांग के खिलाफ कड़े प्रतिबंध की वकालत करने व अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के निकट सहयोग से अंतर-कोरियाई वार्ता को शुरू करने की मांग की।
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