दमिश्क, 27 मार्च (आईएएनएस)। सीरिया ने यमन में बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता जताई है। सीरिया की चिंता यमन में हौथी विद्रोहियों के बढ़ते दखल और उसके खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई को लेकर है, जिसे वह यमन की संप्रभुता के उल्लंघन के रूप में देखता है।
सामाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, यमन की स्वतंत्रता और संप्रभुता का सम्मान किए जाने की जरूरत पर जोर देते हुए सीरिया के विदेश मंत्रालय ने यमन के सभी पक्षों से जनता की इच्छाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप बातचीत के जरिये राजनीतिक समाधान ढूंढ़ने की अपील की। साथ ही इसने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से भी यमन की इच्छा का सम्मान करने की अपील की।
गौरतलब है कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन और कतर ने गुरुवार को एक संयुक्त बयान जारी कर कहा था कि उन्होंने यमन को हौथी विद्रोहियों की ‘आक्रामकता’ से बचाने के लिए उसके खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है।
इसके बाद यमन की राजधानी सना में गुरुवार को शिया हौथी विद्रोहियों के लड़ाका शिविरों पर हवाई हमले किए गए, जिसमें चार आम नागरिकों की मौत हो गई।
यमन के रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि हवाई हमलों में उत्तरी सना में वायु सेना के अल-डायलेमी हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया, जिसमें रनवे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसमें चार लोगों की जान चली गई। यह हवाई अड्डा नागरिक हवाई अड्डे के बिल्कुल पास है।
लड़ाकू विमानों ने सना के दक्षिणी भाग में शिया हौथी विद्रोहियों के कब्जे वाले मिसाइल बेस के हथियार भंडारों को भी निशाना बनाया। माना जाता है कि हौथी विद्रोहियों को यमन के पूर्व राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला का समर्थन प्राप्त है।
dharmpath.com dharmpath