लावरोव ने अपने चीनी समकक्ष के साथ वार्ता के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “सीरियाई संकट को लेकर जेनेवा में होने वाली वार्ता में सीरियाई कुर्दो को शामिल न करने का बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है, क्योंकि वे सीरिया से अलग होना चाहेंगे।” उन्होंने कहा कि ऐसा करना किसी के हित में नहीं है।
उन्होंने कहा कि कुर्दो का सीरिया के कम से कम 15 फीसदी हिस्से पर नियंत्रण है और सीरिया में इस्लामिक स्टेट (आईएस), नुसरा फ्रंट व अन्य आतंकवादी संगठनों के खिलाफ लड़ाई में यह रूस तथा अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना का सहयोगी है।
लावरोव ने कहा, “इसलिए इस समूह को शामिल किए बिना वार्ता की शुरुआत करना अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के दोष की अभिव्यक्ति होगी।”
रूसी राजनयिक ने तुर्की द्वारा कुर्दो को वार्ता में शामिल करने का विरोध करने को लेकर उसकी आलोचना की और इस बात का उल्लेख किया कि इंटरनेशनल सीरिया सपोर्ट ग्रुप के अन्य सभी सदस्य वार्ता प्रक्रिया में कुर्दो को शामिल करने का शुरू से बचाव करते आर रहे हैं।
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