नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) ने इजरायल व रूस के त्रिपक्षीय ठेके के तहत, 7,500 करोड़ रुपये की लागत वाले एयरबॉर्न वार्निग एंड कंट्रोल सिस्टम्स (एडब्ल्यूएसीएस) को खरीदने के प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी प्रदान कर दी।
भारतीय सेना के पास पहले से ही तीन ऐसी सुविधाएं मौजूद हैं, जो दुश्मनों के क्षेत्र में गहराई तक देखने की क्षमता प्रदान करता है। सभी तीन एडब्ल्यूएसीएस इजरायल निर्मित रडार हैं, जो रूसी भारी परिवहन विमान आईएल-76 पर तैनात हैं।
सीसीएस की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की और सेना में सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस के चौथे रेजिमेंट तथा दो और पिनाका रॉकेट लॉन्चर शामिल करने की मंजूरी दी।
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